मुरादाबाद में एमएचईए की एजीएम में हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
इस पर जवाब देने के दौरान एमएचईए के संरक्षक नजमुल इस्लाम कुर्सी छोड़कर आगे बढ़े तो जुनेजा ने कहा कि उन्हें सवाल करने से रोका जा रहा है। नजमुल ने अपनी बात जोरदार ढंग से रखी तो तकरार के बीच हंगामा शुरू हो गया। दोनों के बीच हाथापाई जैसी नौबत आने पर अन्य निर्यातकों ने उन्हें रोका।
इसके बाद तीखे तेवर से उठे निर्यातक विवेक अग्रवाल ने कहा कि मैं एमएचईए का ऑडिटर हूं, मुझे एक चपरासी स्तर के व्यक्ति ने संस्था के व्हाट्सएप ग्रुप से कैसे बाहर कर दिया। इस सवाल के जवाब के दौरान फिर हंगामा होने लगा। जवाब में व्हाट्सएप ग्रुप हैंग हो जाने की बात कही गई।
इसी तरह एक निर्यातक को संगठन से पांच साल के लिए निष्कासित करने का मुद्दा भी उठा। इस पर नजमुल इस्लाम ने कहा कि पदाधिकारियों की सहमति से ही निकाला गया है। कुछ सदस्यों ने एमएचईए के चुनाव न होने का सवाल उठाया।
मुरादाबाद में एमएचईए की एजीएम में हंगामा
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इस पर कहा गया 2021 में एमएचईए के सदस्यों की सहमति से बोर्ड की बैठक में पास कर दिया गया था कि चुनाव पांच साल में होगा। इसलिए अब 2027 में चुनाव होगा। पांच साल में चुनाव के जवाब पर एक निर्यातक ने बाईलाज की कॉपी मांगी। कहा कि दिखाया जाए कि पांच साल में चुनाव की बात कहां लिखी है।
इस पर कहा गया कि लिखित में मांगने पर कॉपी दे दी जाएगी। एमएचईए के अध्यक्ष नावेद उर रहमान समेत अन्य पदाधिकारियों ने जब-जब सवालों के जवाब दिए तो दूसरी ओर से कहा गया कि हम जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। कुछ निर्यातकों ने अक्तूबर के ईपीसीएच फेयर में स्टॉल के खर्च में रियायत और ईपीसीएच मेंबरशिप शुल्क बढ़ाने पर सवाल दागा।
इस पर ईपीसीएच के अध्यक्ष नीरज खन्ना ने कहा कि मुरादाबाद के निर्यातक अंतरराष्ट्रीय फेयर में जाते हैं, वहां पर स्टाल की काफी ज्यादा कीमत चुकाते हैं। ईपीसीएच फेयर में उसके मुकाबले काफी कम कीमत पर स्टॉल हैं। उन्होंने कुछ सवाल ईपीसीएच की बोर्ड की बैठक में रखने की भी बात कही।
मुरादाबाद में एमएचईए की एजीएम में हंगामा
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मुरादाबाद में एमएचईए की एजीएम में हंगामा
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असंतुष्ट गुट का कथन...
एमएचईए की बैठक में दहशत का माहौल बनाया गया। बैठक में अवधेश अग्रवाल ने उनकी बात पर ताली नहीं बजाने वालों को स्टॉलों का दलाल कहा। उन्होंने सभी निर्यातकों को अपमानित किया है। एजीएम बीच में बंद कर दी गई। - विशाल अग्रवाल, निर्यातक
बैठक में मेरे सवालों का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। एमएचईए के पदाधिकारियों ने निर्यातकों को अपमानित किया। इसलिए कई निर्यातक बिना खाना खाए ही चले गए। - नदीम खान, निर्यातक
एमएचईए के पदाधिकारी एजीएम किसी सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे पाए। ताली नहीं बजाने पर निर्यातकों को दलाल कहा गया। - परवेज आलम, निर्यातक
एजीएम में बाउंसर क्यों बुलाए गए जबकि यह निर्यातकों की बैठक थी। एमएचईए के पदाधिकारी किससे डरे हुए थे। वे मेरे किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाए। - हेमंत जुनेजा, मंडल अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
बिना सवालों के जवाब दिए एमएचईए के पदाधिकारी उठकर चले गए। बैठक की गई थी तो सभी सवालों के जवाब भी देने चाहिए थे।- अजय शाह, निर्यातक
एमएचईए पदाधिकारियों का कथन ...
बैठक में जो भी सवाल किए गए उनका जवाब दिया गया। बैठक में जिन लोगों ने गाली-गलौज की है, उनकी रिकॉर्डिंग है। जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच
मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। मैंने कहा कि कुछ लोग फेयर में स्टॉल लेकर बेच देते हैं। इस बार इस तरह की दलाली करने वाले निर्यातकों को स्टॉल नहीं दिया जाएगा। - अवधेश अग्रवाल, महासचिव, एमएचईए
एजीएम में एमएचईए का लेखाजोखा सर्वसम्मति से पास किया गया। इस दौरान निर्यातकों में आपस में नोकझोंक हुई। सभी सवालों के स्पष्ट जवाब दिए गए। -नावेद उर रहमान, अध्यक्ष, एमएचईए
दो-तीन साल से 50 निर्यातकों ने सदस्यता शुल्क नहीं जमा किया है। इन सभी को निकाल दिया जाएगा। बैठक में सभी सवालों के जवाब दिए गए। - नजमुल इस्लाम, संरक्षक, एमएचईए