युद्ध का इस पर भी पड़ेगा असर
- शिपिंग लागत में वृद्धि होगी और माल ढुलाई महंगा होगा।
- कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ेगा।
- आर्डर के भुगतान में देरी होगी। लेन-देन प्रभावित होगा।
निर्यातक बोले
निर्यातकों पर खतरा मंडराने लगा है। फ्रैंकफुर्त मेले व टर्की में जो भी आर्डर मिले हैं वह रुक जाएंगे। अगर अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध खत्म नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में फैक्टरियों में काम बंद होने शुरू हो जाएंगे। -सतपाल, सचिव, द हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
अभी युद्ध शुरू हुआ है। चार से छह दिन बाद पता चलेगा कि कितने करोड़ का नुकसान होगा। युद्ध ने निर्यातकों की चिंता बढ़ा दी है। अगर शिपिंग कंपनियों की माल ढुलाई का काम रुकता है तो हस्तशिल्प उत्पाद का व्यापार ज्यादा प्रभावित होगा।- सुरेश कुमार गुप्ता, चेयरमैन, आईआईए
हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार नाजुक होता है। विदेशों में शांति होती है तब ज्यादा से ज्यादा आर्डर मिलते हैं। थोड़ी सी हलचल निर्यात को ज्यादा प्रभावित करती है। चार से छह दिन में साफ होने लगेगा कि आगे निर्यात की दिशा क्या होगी।- विकास अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट, मुरादाबाद एसईजेड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
कारीगर व निर्यातक पहले से कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कच्चे माल की लागत, प्रतिस्पर्धा, और लॉजिस्टिक समस्याएं। अब युद्ध से परेशानी बढ़ेगी और हस्तशिल्प उद्योग पर अतिरिक्त दबाव होगा। इससे निर्यात घटेगा और सैकड़ों कारीगरों की नौकरियों पर खतरा मंडराने लगेगा।- नावेद उर रहमान, अध्यक्ष, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन