डॉ. शिव अवतार जैमिनी ने बेटे काव्य सौरभ को कंधे पर बैठा लिया था। हम किसी तरह रेलिंग पकड़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान रेलवे सिक लाइन के पास पुल से एक जीना दिखा। जिसके एक तरफ साइकिल के लिए रनवे बना हुआ था। मैंने और मेरे पति ने रनवे पर सरकना शुरू कर दिया था।
जैसे ही हम लाइन के पास पहुंचे। इसी दौरान रेलिंग टूट कर नीचे गिर गई थी। जिसमें हम बाल-बाल बच गए थे। दिल्ली रोड मिलन विहार निवासी अशोक मल्होत्रा ने बताया कि उस वक्त हम बारादरी मोहल्ले में रहते थे। मैं मेला देखकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पुल पर भगदड़ मच गई थी।
वो हादसा आज भी याद कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जीलाल स्ट्रीट मोहल्ला निवासी मनोज रस्तोगी ने बताया कि मुझे और मेरे छोटे भाई अतुल, विपुल को ताऊ मेला दिखाने ले गए थे। जिस वक्त भगदड़ मची थी, उस वक्त हम पुल पार कर चुके थे।
पीछे मुड़कर देखा तो चीख पुकार मच रही थी। वो मंजर बहुत भयावह था। किसी ने पुल टूटने की अफवाह फैला दी थी। सुभाष गुप्ता ने बताया कि उस दिन ख्याली राम शास्त्री उत्तर प्रदेश की हेमवती नंदन बहुगुणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने थे।
वो शहर में पहुंचते थे कि हादसे की जानकारी मिल गई थी। उस वक्त मैं उनके साथ ही था। हम लोग मौके पर पहुंचे और अफसरों से जानकारी की तो पता चला कि पुल टूटने की अफवाह की वजह से भगदड़ मची थी।
संभल की दो और महिलाओं की मौत
हाथरस में सत्संग के दौरान मची भगदड़ में बनियाठेर के गांव अफजलपुर डरौली निवासी कमला (60) और ओरछी गांव निवासी कमला (45) की भी मौत हो गई। देर रात दोनों की मौत की पुष्टि हुई। जबकि गुन्नौर के गांव उदयभानपुर निवासी पिंकी शर्मा की मौत की पुष्टि हादसे के बाद ही हो गई थी।
हादसे में अब तक संभल की तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव अफजलपुर डरौली निवासी कमला पत्नी रामभरोसे मंगलवार को बिलारी कोतवाली इलाके के गांव चिड़िया भवन से अपने भतीजे सोनू के साथ हाथरस सत्संग में शामिल होने गई थीं। जबकि उसकी बेटी रेखा गांव के लोगों के साथ गई थी। सभी लोग सत्संग में पहुंचे। दोपहर में सत्संग के बाद वहां भगदड़ मच गई।