केस नंबर:
बुध बाजार के कोठीवाल नगर में गौरव कोहली का चार किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है। उनका छह माह से बिल नहीं आया है। लाइनमैन से लेकर जेई तक से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उपभोक्ता इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उन्हें मीटर की रीडिंग कैसे पता चलेगी और बिल कब आएगा। उनका कहना है कि अभी बिल नहीं मिल रहा है, बाद में विद्युत निगम अचानक हजारों रुपये के बकाये का नोटिस भेजेगा और लाइन काट दी जाएगी।
केस नंबर: दो
रामेश्वर कॉलोनी में विशनपाल सिंह के यहां दो किलोवाट का मीटर लगा है। उन्होंने बताया कि वह हर माह बिल जमा करते हैं लेकिन पिछले दो माह से उन्हें बिजली का बिल नहीं मिला है। मीटर रीडर अब उनके मीटर से रीडिंग ही नहीं लेते हैं। उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान हैं कि बिना रीडिंग के विभाग को कैसे पता चलेगा कि उन्होंने कितनी यूनिट बिजली खर्च की है। उन्हें गलत बिल मिलने का खतरा सता रहा है।
यूपीपीसीएल स्मार्ट एप से मिलेगी मीटर व बिल की जानकारी
विद्युत निगम ने प्रीपेड मीटर लगाने के साथ ही यूपीपीसीएल स्मार्ट एप तैयार किया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। मुख्य अभियंता एके चौरसिया का कहना है कि इस एप के जरिए उपभोक्ता अपने मीटर ल बिल से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
साथ ही अपने बिल का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते हैं। उपभोक्ताओं की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए जोन के 184 बिजलीघरों के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों में उपभोक्ताओं को जोड़ा जा रहा है। जेई से लेकर चीफ इंजीनियर तक इसमें शामिल रहेंगे।
विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या
मुरादाबाद शहर - 2.2 लाख
मुरादाबाद देहात - 4.3 लाख
रामपुर शहर - 1.7 लाख
रामपुर देहात - 2.2 लाख
संभल शहर - 1.5 लाख
संभल देहात - 1.9 लाख
स्मार्ट मीटर की बिलिंग चेक करने के लिए पांच फीसदी उपभोक्ताओं के घरों में पुराना मीटर भी चालू रहने दिया गया है। दो माह तक निगरानी की जा रही है। दोनों मीटरों में समान रींडिंग देखने को मिल रही है। बाकी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए जेई से एसई तक सभी को निर्देशित किया गया है। - एके चौरसिया, मुख्य अभियंता