यूपी की सियासत में सियासतदानों की संतानें ही चमक रही हैं। मुरादाबाद मंडल के इन विधायकों के पिता भी विधायक और सांसद रह चुके हैं। विधायकों में इकबाल महमूद, राजीव तरारा, पिंकी यादव, मोहम्मद फहीम शामिल हैं।
मुरादाबाद मंडल के सियासी दिग्गजों की संतानें ही सियासत में अपनी चमक बिखेर रहे हैं। मौजूदा समय में मंडल के छह विधायक ऐसे हैं, जिनके सियासतदार पिता भी विधायक या सांसद रह चुके हैं। इसमें संभल जिले के दो विधायक जबकि मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर के एक-एक विधायक शामिल हैं। इसमें तीन सपा और तीन भाजपा के विधायक हैं।
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मुरादाबाद मंडल के अधिकांश नेताओं ने अपने बेटों को ही सियासत में उतारने का काम किया। आज इनमें से कुछ ने तो राजनीति में अपने पैर पूरी तरह से जमा लिए हैं। अपने क्षेत्र की जनता की सदन में नुमाइंदगी कर रहे हैं। जबकि कुछ सियासत में चमके तो जरूर लेकिन उनकी राजनीतिक पारी लंबी नहीं चल सकी। एक बार विधायक बन गए लेकिन सक्रिय राजनीति में अपने को पूरी तरह से स्थापित नहीं कर सके। वहीं कुछ पैर जमाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मंडल में वर्तमान समय में भाजपा से सुशांत सिंह, आकाश सक्सेना और राजीव तरारा विधायक हैं। जबकि सपा से इकबाल महमूद, पिंकी यादव और मोहम्मद फहीम विधायक हैं। इन सभी विधायकों में एक बात कॉमन है, वह ये कि इन सभी के पिता भी सियासदार रहे हैं। अपने समय में विधायक और सांसद तक बने हैं। यह छह विधायक अपने पिता की सियासत को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र की नुमाइंदगी कर रहे हैं।
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इन विधायकों में इकबाल महमूद सबसे ज्यादा सातवीं बार विधानसभा में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जबकि आकाश सक्सेना को यह माैका पहली बार मिला है। पिंकी यादव और मोहम्मद फहीम तीसरी बार, राजीव तरारा और सुशांत सिंह दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं।
इकबाल महमूद
विधायक इकबाल महमूद संभल सीट का सातवीं बार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। माैजूदा समय में मुरादाबाद मंडल में सपा के बड़े नेताओं में शामिल हैं। उनके पिता महमूद हसन खान संभल सीट से तीन बार विधायक चुने गए थे।
मोहम्मद फहीम
मुरादाबाद की बिलारी विधानसभा सीट से मोहम्मद फहीम सपा के टिकट पर तीसरी (उपचुनाव जोड़कर) बार विधायक बने हैं। इनके पिता हाजी इरफान 2012 में बिलारी सीट से विधायक चुने गए थे। सड़क हादसे में उनकी माैत हो गई थी। मोहम्मद फहीम उपचुनाव जीतकर पहली बार विधायक बने थे।
सुशांत सिंह
सुशांत सिंह पूर्व सांसद सर्वेश के बेटे हैं। वह बिजनाैर जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। सर्वेश सिंह ठाकुरद्वारा सीट से पांच बार विधायक और मुरादाबाद लोकसभा सीट से एक बार सांसद रह चुके हैं।
राजीव तरारा
राजीव तरारा अमरोहा जिले की सुरक्षित सीट मंडी धनाैरा से विधायक हैं । वह भी लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधायक बने हैं। इनके पिता तोताराम गंगेश्वरी विधानसभा सीट से वर्ष 1996 में विधायक चुने गए थे।
पिंकी यादव
पिंकी यादव सपा के टिकट पर असमोली सीट से विधायक हैं। वह लगातार तीसरी पर इस सीट से विधायक चुनी गई हैं। पिंकी यादव के पिता बिजेंद्र पाल सिंह यादव तीन बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं।
आकाश सक्सेना
लंबे समय तक विधानसभा में नुमाइंदगी कर चुके आजम खां की रामपुर सीट से वर्तमान में आकाश सक्सेना विधायक हैं। उन्होंने उपचुनाव में इस सीट पर जीत दर्ज की थी। उनके पिता शिव बहादुर सक्सेना रामपुर की स्वार सीट से चार बार विधायक रहे चुके हैं।
ये भी हैं सियासतदारों के बेटे
पूर्व विधायक चौधरी नौनिहाल सिंह के बेटे राजेश सिंह चुन्नू कांठ से विधायक रह चुके हैं
पूर्व विधायक रिजवानुल हक के बेटे मोहम्मद उस्मान मुरादाबाद देहात से विधायक रह चुके हैं
आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम रामपुर की स्वार सीट से विधायक रह चुके हैं
पूर्व विधायक रियासत हुसैन के बेटे सौलत अली मुरादाबाद देहात सीट से विधायक रह चुके हैं
अमरोहा के विधायक महबूब अली के बेटे परवेज अली पूर्व एमएलसी हैं
अमरोहा के सांसद कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित तंवर वर्तमान में अमरोहा के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं
2027 में सियासी पारी शुरू करने की तैयारी में
आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में कुछ सियासतदारों की संतानें सियासी पारी की शुरुआत कर सकती हैं। उनके पिता चुनाव मैदान तैयार करने में जुटे हैं। मंडल के एक सांसद कुंदरकी सीट से अपने बेटे को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। वहीं देहात सीट से एक पूर्व विधायक के बेटे भी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।