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UP: मुरादाबाद राजकीय छात्रावास अधीक्षिक निलंबित, मंत्री ने फेसबुक पर अपलोड किया वीडियो, इस तरह शुरू हुई जांच

Sat, 12 Jul 2025 11:30 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद के राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास की अधीक्षिका प्रवेश कुमारी को 10 लाख रुपये के रखरखाव कार्यों में अनियमितता के चलते निलंबित कर दिया गया है। मंत्री असीम अरुण की यात्रा के दौरान छात्रों ने शिकायतें की थीं। मेरठ मंडल की उप निदेशक सुनीता यादव ने पूरे प्रकरण की जांच की थी।
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मंत्री असीम अरुण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद के राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास की अधीक्षिका प्रवेश कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। छात्रावास के रखरखाव के लिए जारी 10 लाख रुपये के कामों में गड़बड़ियां मिलने पर यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ जांच के निर्देश भी दे दिए हैं।

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असीम अरुण सात जुलाई को मुरादाबाद में एक छात्रावास के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के दौरान राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास के छात्रों ने उनसे कई शिकायतें की थीं। शिकायतों के आधार पर मेरठ मंडल की उप निदेशक सुनीता यादव ने 10 जुलाई को छात्रावास पहुंच कर जांच की।

उन्होंने पाया कि मार्च में 14 कैमरे कागजों में तो खरीद लिए गए लेकिन लगाए नहीं गए। ये कैमरे जांच अधिकारी के पहुंचने से पहले नौ जुलाई को लगाए गए। इसी तरह 42 इंच का टीवी भी मार्च में ही लगना कागजों में बताया गया लेकिन टीवी सात जुलाई को लगाया गया। इतना ही नहीं, कमरों व खिड़कियों की पुताई, मुख्य गेट की मरम्मत और अन्य पुताई के कार्य में भी जांच अधिकारी को गड़बड़ियां मिली थीं।

मंत्री ने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड किया वीडियो

प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता छात्रों और जांच अधिकारी सुनीता यादव से वीडियो काल कर बातचीत की थी। मंत्री ने अपनी बातचीत का एक वीडियो अपने फेसबुक अकांउट पर भी अपलोड किया है। वीडियो में समाज कल्याण मंत्री ने छात्रों को भरोसा दिया कि उनकी शिकायत पर सुनीता यादव जांच कर रही हैं।

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पूरी बात सुनकर बयान दर्ज करेगी। भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। पूछने पर पता चला है कि छात्रावास की अधीक्षिका ने धन मिलने के बावजूद समय से कार्य नहीं कराया। इस मामले में प्रवेश कुमारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा।

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