यूपी में शिक्षक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के सांसद और विधायकों की फौज भी जीत नहीं दिला सकी। मंडल में सपा के छह सांसद और 19 विधायक हैं। सपा प्रत्याशी को 25 फीसदी भी वोट नहीं मिले।
यूपी में शिक्षक एमएलसी चुनाव में प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सपा को बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर मिली करारी हार ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के 25 जनप्रतिनिधि हैं।
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इसमें छह सांसद (एक राज्यसभा सांसद) और 19 विधायक हैं। लेकिन सपा उम्मीदवार दानिश अख्तर को सिर्फ 3996 मत ही मिले। जो कुल वोटिंग का 11.36 फीसदी है। पार्टी को 17676 वोटों से हार मिली जो 50 फीसदी वोट है।
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बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल नौ जिले आते हैं। इसमें मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं शामिल हैं। इस चुनाव में सपा ने बिजनौर जिले के रहने वाले दानिश अख्तर को अपना उम्मीदवार बनाया था।
जबकि भाजपा ने डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा था। इस निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदा समय में सपा के पास छह सांसद और 19 विधायक हैं। ऐसे माना जा रहा था कि पार्टी इस सीट पर बेहतर प्रदर्शन करेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बरेली में मतगणना के बाद मंगलवार देररात परिणाम घोषित कर दिया गया। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो को कुल 21672 वोट मिले। जो कुल पड़े वोटों का 61.65 प्रतिशत है। लेकिन 25 जनप्रतिनिधियों के होने के बावजूद पार्टी के उम्मीदवार को महज 3996 वोट ही हासिल हो सके। यह कुल वोटिंग का 11.36 फीसदी है। डॉ. ढिल्लो 17676 वोटों से चुनाव जीत गए। सपा प्रत्याशी के हार का प्रतिशत 50.28 है।
इस परिणाम के बाद पार्टी के भीतर मुरादाबाद से लेकर लखनऊ तक मंथन और चिंतन शुरू हो गया है। इसकी वजह मुरादाबाद मंडल सपा का गढ़ होने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की लंबी चौड़ी फौज का होना है। यहां पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि इस करारी हार के मुद्दे पर पार्टी के नेता खुलकर बोलने बच रहे हैं लेकिन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
बरेली-मुरादाबाद एमएलसी शिक्षक चुनाव में जीत दर्ज किया जा सकता था। जो वोटर लिस्ट आई थी उसे चेक करना चाहिए था। इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से निर्देश भी आए थे। कहीं न कहीं इसमें चूक हुई। साथ ही हमारे लोगों ने चुनाव में दिलचस्पी भी कम दिखाई। अगर दिलचस्पी लेते तो चुनाव परिणाम बदला जा सकता था। आगे इसका ध्यान रखा जाएगा। जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगे। - फिरोज खां, मुरादाबाद प्रभारी एवं चीफ इलेक्शन एजेंट
2020 में सपा के जनप्रतिनिधि कम, वोट मिले ज्यादा
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक एमएलसी का पिछला चुनाव 2020 में हुआ था। उस चुनाव के दौरान निर्वाचन क्षेत्र के नौ जिलों में सपा के पास कुल 18 जनप्रतिनिधि थे। इसमें चार सांसद और 14 विधायक शामिल थे। इस चुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशी संजय मिश्रा को 4864 वोट मिले थे। जो 2026 के चुनाव से 868 मत अधिक है।
एक जनप्रतिनिधि के हिस्से में 200 वोट भी नहीं आए
बरेली-मुरादाबाद एमएलसी शिक्षक चुनाव में सपा उम्मीदवार को 3996 वोट मिले। जबकि जनप्रतिनिधियों की संख्या 25 है। इन मिले वोटों के हिसाब से एक जनप्रतिनिधि के हिस्से में 200 वोट भी नहीं आए।
मंडल में ये हैं सपा के सांसद
- रुचिवीरा, मुरादाबाद
- जियाउरर्हमान बर्क, संभल
- मोहिबुल्लाह नदवी, रामपुर
- नीरज मौर्य, आंवला
- आदित्य यादव, बदायूं
- जावेद अली, सांसद राज्यसभा