शुक्रवार वह घर लौट रहा था। रास्ते में उसे परचून की दुकान चलाने वाले निखिल ने बताया कि उसके भतीजे की हत्या कर दी गई है। उसकी लाश मकान के बाहर पड़ी है। उसने मौके पर पहुंचकर पुलिस बुला ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे परिजन और रिश्तेदार शव लेकर गुलाबबाड़ी मोक्षधाम जा रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने गुलाबबाड़ी चुंगी के पास अर्थी रखकर जाम लगाने की कोशिश की। उनका आरोप है कि इस हत्याकांड में हत्यारोपी दोनों भाइयों के साथ अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी की गिरफ्तारी की जाए। सीओ कटघर आशीष प्रताप सिंह और थाना प्रभारी संजय कुमार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि विवेचना में जिन लोगों के नाम सामने आएंगे।
सभी की गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बाद परिजन शांत हो गए। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने पूछताछ में बताया कि देव शराब के नशे में उनके साथ गाली गलौज कर रहा था। इसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने हमला कर हत्या कर दी और मौके से भाग गए थे। रविवार को दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा।
चाकू के हमले से फट गया फेफड़ा
कटघर थाने की पुलिस ने शनिवार को देव के शव का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट से पता चला है कि चाकू के हमले से उसका फेफड़ा फट गया था और अंदर खून बह गया था। इसके अलावा उसके शरीर पर चोटों के निशान भी मिले हैं।
सुबह तक बदल गई कहानी, आस पड़ोस की फुटेज भी गायब
घटना के तुरंत बाद पुलिस की ओर से बताया गया था कि देव ठाकुर का अपने चाचा श्याम सिंह से विवाद चल रहा था। देव चाचा के साथ गाली गलौज कर रहा था। पड़ोसी हरिओम और उनके बेटों ने शांत करना चाहा तो देव उनसे ही भिड़ गया था।
इसी बीच हिमांशु, अंकित और उनके परिवार के लोगों ने हमलाकर हत्या कर दी थी लेकिन सुबह होते होते कहानी बदल गई। पुलिस ने इस मामले में उसके चाचा को ही वादी बताते हुए केवल दो ही लोग नामजद किए हैं। इसके अलावा आस पड़ोस के क्षेत्र में लगे कैमरों की फुटेज भी गायब हो गई है।
मेरे भांजे की हत्या में कई लोग शामिल, पुलिस करे सही जांच
मझोला के मिलन विहार में रहने वाले गजेंद्र सिंह का कहना है कि देव ठाकुर उसका भांजा था। उसकी हत्या करने में कई लोग शामिल रहे हैं लेकिन पुलिस ने दो लोगों को ही गिरफ्तार किया है। शिवानी ठाकुर का कहना है कि इस मामले की पूरी जांच की जाए।
मेरा भतीजा ऋषिकेश में अपनी मां का इलाज करा रहा था। वह घर आया तो साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। कुछ लोग उसके मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। आस पड़ोस की फुटेज को पुलिस ने अपने कब्जे में लेना चाहिए।