जिले के छह विधायकों में भाजपा के दो और सपा के चार हैं। एक विधायक को एक साल में विकास कार्यों के लिए निधि से पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। इस हिसाब से चार साल में छह विधायकों की निधि मिलाकर राशि 120 करोड़ होती है। ये धनराशि विभिन्न मदों पर खर्च की गई।
इसमें हाईमास्ट लाइटों पर 41.71 करोड़, वाटर कूलरों पर 10.47 करोड़ और यात्री शेड पर 1.32 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ताजा स्थिति के मुताबिक करीब बीस फीसदी लाइटें खराब हैं। जबकि अधिकांश वाटर कूलर बंद पड़े हैं। वहीं, रखरखाव के अभाव में यात्री शेड जर्जर हालत में पहुंच गए हैं।
दूसरी ओर ऐसे तमाम गंभीर मरीज हैं जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है। इलाज में आर्थिक मदद के लिए लोग सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। अकेले सीएमओ कार्यालय में इलाज के लिए जनवरी से अब तक करीब 198 मरीज आवेदन लेकर पहुंचे।
यह वह मरीज हैं जिनके पास इलाज कराने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। अब ऐसा भी नहीं है कि इनकी अर्जी माननीयों तक नहीं पहुंची होगी। किसी ने उनके करीबी को पकड़ा तो किसी ने उनकी पार्टी के नेता को। लेकिन मदद नहीं मिली।
मरीजों के इलाज पर विधायक एक साल में खर्च कर सकते हैं निधि से 25 लाख रुपये
परियोजना निदेशक श्वेतांक पांडेय के मुताबिक विधायक एक साल में मरीजों के इलाज पर अपनी निधि से 25 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं। विधायक निधि से स्थानीय स्तर पर मरीजों के लिए दो लाख रुपये तक की मदद की जा सकती है। पांच लाख रुपये तक के लिए लखनऊ से स्वीकृति लेनी पड़ती है। करीब चार साल में विधायक निधि से सिर्फ नगर विधानसभा क्षेत्र के तीन लोगों को इलाज के लिए 2.40 लाख रुपये की मदद मिली।
गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विधायक निधि का उपयोग नहीं किया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से क्षेत्र के करीब 500 मरीजों को इलाज के लिए दो से चार लाख तक मदद कराई गई है। इसमें कैंसर, किडनी, लिवर के मरीज शामिल रहे। - रामवीर सिंह, विधायक, कुंदरकी
लोग मदद की उम्मीद लेकर आते हैं। उनकी यथासंभव सहायता की जाती है। कई लोगों के इलाज में हम मदद कर चुके हैं। इस वर्ष इलाज के लिए निधि खर्च नहीं हुई है। -नवाब जान, विधायक, ठाकुरद्वारा
मैंने कई जरूरतमंद लोगों को इलाज के लिए आर्थिक मदद की थी। आगे भी हम यह सिलसिला जारी रखेंगे। -नासिर कुरैशी, विधायक देहात
गंभीर रूप से बीमार मरीज इलाज के लिए कार्यालय में आवेदन करते हैं। नियमानुसार उन्हें इलाज के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाती है। सरकारी अस्पतालों में इलाज को प्राथमिकता दी जाती है। कई मरीजों का इलाज रेडक्रॉस सोसायटी और मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिये निजी अस्पतालों में भी कराया जाता है। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
विधायक निधि से इन मदों पर खर्च की गई धनराशि
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विधानसभा क्षेत्र
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विधायक
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हाईमास्ट लाइट (लाख रुपये)
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वाटर कूलर (लाख रुपये)
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यात्री शेड (लाख रुपये)
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बिलारी
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मोहम्मद फहीम
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889.78
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164.34
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23.36
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कांठ
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कमाल अख्तर
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477.18
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340.62
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0
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ठाकुरद्वारा
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नवाब जान
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799.77
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9.97
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9.97
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मुरादाबाद देहात
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नासिर कुरैशी
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930.66
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228.48
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35.52
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मुरादाबाद नगर
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रितेश गुप्ता
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861.61
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189.38
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0
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कुंदरकी
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जियाउर्रमान बर्क
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211.63
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141.92
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63.96
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नोट : यह आंकड़े एमएलए लैडस यूपी पोर्टल से लिए गए हैं। उपचुनाव के बाद विधायक बने रामवीर सिंह ने अभी तक कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट, वाटर कूलर और यात्री शेड पर कोई धनराशि नहीं खर्च की है।