फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुरादाबाद: शहर सीट पर हिंदू को उतार सकती है सपा, अखिलेश और आजम के बीच भी हुई चर्चा; रणनीति बदलने की अटकलें

Sat, 24 Oct 2026 03:32 PM IST
Sharukh Khan शिवम वर्मा, अमर उजाला, मुरादाबाद

सार

रामपुर जेल में वेस्ट यूपी की प्रमुख सीटों के समीकरणों पर आजम खां और अखिलेश यादव के बीच मंथन हुआ। बीस साल पहले 2007 में संदीप अग्रवाल को उतारकर सपा ने शहर सीट जीती थी। लगातार दो चुनाव हारने के बाद मुरादाबाद नगर में रणनीति बदलने की अटकलें हैं।
विज्ञापन
सपा नेता अखिलेश यादव ने आजम खां की की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए समाजवादी पार्टी में प्रत्याशियों के चयन को लेकर हलचल तेज हो गई है। 22 अक्तूबर को रामपुर जेल में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खां के बीच प्रदेश की जिन प्रमुख सीटों को लेकर चर्चा हुई उनमें मुरादाबाद शहर सीट भी शामिल है। 
विज्ञापन


इस मुलाकात के बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि पार्टी करीब 20 साल बाद मुरादाबाद शहर सीट से किसी हिंदू प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है। रामपुर जेल में करीब एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खां ने कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि कुछ सुझाव दिए हैं।
Trending Videos

पार्टी उन सुझावों पर काम करेगी। मुरादाबाद शहर सीट से कई हिंदू दावेदारों के नाम भी सामने आए हैं। वहीं, पुरानी मुरादाबाद शहर विधानसभा सीट के चुनावी इतिहास में वर्ष 2007 का चुनाव सपा के लिए खास रहा था। 

पार्टी ने संदीप अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने भाजपा के विकास जैन को 29,179 मतों से हराकर जीत दर्ज की। इससे पहले वर्ष 1996 में सपा के मुसर्रत हुसैन चुनाव मैदान में थे, लेकिन भाजपा के संदीप अग्रवाल से हार गए थे। 

वर्ष 2002 में सपा ने हुमायूं कदीर को टिकट दिया। उन्हें 24,928 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे। उस चुनाव में भाजपा के संदीप अग्रवाल 42,888 वोट पाकर जीते, जबकि कांग्रेस के मोहम्मद सिद्दीक 27,907 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2007 में सपा के टिकट पर संदीप अग्रवाल की जीत ने सीट के सियासी समीकरण बदल दिए थे।

नई सीट पर लगातार दो बार मिली हार
वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद मुरादाबाद नगर सीट का मौजूदा स्वरूप बना। वर्ष 2012 में सपा ने मोहम्मद यूसुफ अंसारी को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने भाजपा के रितेश कुमार गुप्ता को 20,238 मतों से हराया। लेकिन वर्ष 2017 में यूसुफ अंसारी 3,193 मतों से चुनाव हार गए। वर्ष 2022 में मुकाबला और करीबी रहा। 

भाजपा के रितेश कुमार गुप्ता ने महज 782 मतों से जीत दर्ज की। लगातार दो चुनावों में हार के बाद अब सपा में परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी किसी हिंदू चेहरे पर दाव लगाएगी या किसी अन्य प्रत्याशी को चुनेगी, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।

शहर सीट से यह नेता कर रहे टिकट की दावेदारी
पूर्व विधायक राजीव चन्ना, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, मनमोहन सैनी, लाखन सिंह सैनी, सीए अजय सैनी, अक्षय भटनागर, राहुल ठाकुर, बीके सैनी, अतहर अंसारी, सरताज आलम अंसारी, इमरान, जयपाल सैनी, हरपाल सैनी, राजीव सिंघल, नरेश शर्मा, लोकेश तिलकधारी, शोएब पाशा
विज्ञापन

शहर सीट से टिकट के दावेदारों में कई हिंदू नाम सामने आए हैं। मुस्लिमों के भी कुछ नाम हैं। पार्टी नेतृत्व ही निर्णय लेगा कि किसे जिम्मेदारी दी जाएगी। जो भी आदेश होगा, सब उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। - जयवीर सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें