शासन ने लिया संज्ञान
12 जनवरी को प्रभारी मंत्री अनिल कुमार के सामने विधायकों ने भी यह मुद्दा उठाया था। अब शासन ने भी इसका संज्ञान लिया है। समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण द्वारा मुरादाबाद प्रशासन को जारी किए गए पत्र में शासन तक पहुंची शिकायतों के आधार पर कहा गया है कि मुरादाबाद में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान कई पात्र जोड़ों को निर्धारित विवाह उपहार सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई।
100 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए
वहीं जिन जोड़ों को सामग्री वितरित की गई, उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि निर्धारित अधिकतम सीमा के विपरीत 100 से अधिक जोड़ों के विवाह कराए गए। राज्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सामूहिक विवाह मामले में अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए कुंदरकी विधायक से कल बातचीत की। कागजात मिलने के बाद सामूहिक विवाह की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। रिपोर्ट आने के बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दंडित किए जाएंगे। पुराने मामले में भी जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। - असीम अरुण, समाज कल्याण मंत्री उत्तर प्रदेश