इस मामले की जांच के लिए एसपी विजिलेंस ने टीम गठित की और जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए गए। आरोप पुष्ट होने के बाद प्लानिंग के तहत ग्राम विकास अधिकारी अजय कुमार ने ऑडिटर अनिरुद्ध द्विवेदी से फोन पर बात की। उसने कहा कि वह सिविल लाइंस के रामगंगा विहार स्थित अपने किराये के मकान में है।
वहीं 50 हजार रुपये पहुंचा दें। अजय कुमार बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रामगंगा विहार स्थित अनिरुद्ध के घर पर पहुंचे और उसे 50 हजार रुपये दे दिए। जैसे ही रकम दी विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया और कार में बैठा कर बरेली ले गए। आस पड़ोस के लोगों को भी भनक नहीं लग पाई।
बताया जा रहा है कि अनिरुद्ध द्विवेदी उत्तर प्रदेश ऑडिटर संघ का प्रदेश अध्यक्ष भी है। एसपी विजिलेंस ने बताया कि इंस्पेक्टर अनिल कुमार, अंगद सिंह और कृपाल शंकर समेत 12 सदस्यों की टीम ने कार्रवाई की है। विजिलेंस के बरेली थाने में अनिरुद्ध के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज हुई है। अनिरुद्ध अंबेडकर नगर का रहने वाला है और परिवार लखनऊ में रहता है।