1000 करोड़ के काम प्रभावित होने की आशंका
मुरादाबाद से 75 प्रतिशत निर्यात अमेरिका को होता है। इसके बाद यूरोपीय देशों का नंबर आता है। कुल 8500 से 10 हजार करोड़ के निर्यात का 10-12 प्रतिशत हिस्सा लकड़ी उत्पादों के निर्यात से आता है। इसमें गार्डन फर्नीचर सबसे बड़ा उत्पाद हैं।
निर्यात संगठनों का कहना है कि ईयूडीआर में रियायत नहीं मिली तो मुरादाबाद में 800 से 1000 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा। टैरिफ के कारण पहले ही निर्यातक परेशान हैं। कारीगरों के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ईयूडीआर पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अच्छा कदम है लेकिन इसमें कुछ संशोधन या रियायत की आवश्यकता है। हमने यूरोपीय यूनियन के सामने अपनी बात रखने के लिए सरकार से अपील की है। उम्मीद है जल्द ही हल निकलेगा। - नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच
मुरादाबाद, अमरोहा, सहारनपुर, जयपुर, जोधपुर के व्यापारियों के लिए ईयूडीआर से कई परेशानियां उत्पन्न होने वाली हैं। समाधान के उपायों पर विमर्श करने के लिए 23 अगस्त को ईपीसीएच ने जोधपुर में बैठक आयोजित की है। हम सब वहां शामिल होंगे। - अवधेश अग्रवाल, मुख्य संयोजक, ईपीसीएच