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UP: मुरादाबाद के सरकारी स्कूलों में चार साल में घटे 68 हजार छात्र, कारण शिक्षक का दूसरे कामों में व्यस्त रहना

Mon, 02 Feb 2026 07:24 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सरकारी दावों और स्कूल चलो अभियान के बावजूद मुरादाबाद जिले में परिषदीय स्कूलों की छात्र संख्या लगातार घट रही है। पिछले चार साल में करीब 68 हजार बच्चे कम हो गए हैं। शिक्षक संघ का कहना है कि नए नियमों और शिक्षकों की गैर-शैक्षिक कार्यों में व्यस्तता के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 
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यूपी के प्राइमरी स्कूल - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शिक्षा व्यवस्था सुधारने के तमाम दावे किए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों के शिक्षक बच्चों का दाखिला कराने को घर-घर जाते हैं। इसके बावजूद सबसे चिंताजनक यह है कि पिछले चार साल में जिले में करीब 68 हजार बच्चे घट गए हैं। शिक्षकों का कहना है कि शासन के नए नियम और शिक्षकों के गैर शैक्षिक कार्यों में व्यस्तता इसकी वजह है।

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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल चलो अभियान के लिए निदेशालय से दो लाख रुपये का बजट आया था। इसके बावजूद एक साल में छात्र संख्या बढ़ने के बजाय करीब सात हजार कम हो गई। इस वर्ष मुरादाबाद जनपद के करीब 1408 परिषदीय स्कूलों में 1.38 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि पिछले वर्ष यह छात्र संख्या 1.45 लाख के आसपास थी।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक मुरादाबाद ग्रामीण के अध्यक्ष प्रदीप यादव ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से छात्र संख्या में गिरावट सामने आ रही है। इसका एक कारण है कि शिक्षक गैर शैक्षिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। 
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इसकी वजह से वह स्कूलों में नियमित पढ़ाई नहीं करवा पा रहे हैं। अभी पिछले तीन महीने से पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इससे शैक्षिक माहौल खराब हो रहा है और अभिभावक अपने बच्चों का नाम परिषदीय स्कूलों से कटवाकर निजी स्कूलों में दाखिला करवाने को मजबूर हैं।

कक्षाएं ज्यादा, कमरे कम
मुरादाबाद ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय हटहट, प्राथमिक विद्यालय बीजना मिलक, प्राथमिक स्कूल खानपुर, प्राथमिक स्कूल मैदनीपुर आदि स्कूलों में कक्षाओं के बराबर कमरे नहीं हैं। इसके अलावा हर विषय के शिक्षक भी स्कूलों में नहीं है। यही कारण है कि एक-दो स्कूलों को छोड़ दें तो 99 फीसदी स्कूलों में छात्र संख्या घटी है। 

उम्र भी कारण बताई
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज शर्मा ने कहा कि पहले पांच साल की उम्र में दाखिला होता था, लेकिन शासन के स्तर से दो साल पहले दाखिला की उम्र छह साल प्लस कर दी है। एक साल के अंतर की वजह से बहुत से अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिला प्राइवेट स्कूलों में करवाए हैं। पांच साल प्लस की उम्र का नियम हो जाए तो छात्रसंख्या बढ़ेगी।

वर्ष 2023 में चला था घंटी बजाओ अभियान
वर्ष 2023 में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से घंटी बजाओ प्रवेश कराओ अभियान चलाया था। इसमें अभिभावक अपनी पसंद के विद्यालय में घर बैठे अपने बच्चे का दाखिला करवा सकते थे। उनको जनपद स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम में फोन कर बच्चे का पूरा विवरण दर्ज करवाना होता था।

विद्यालय में दाखिला के बाद अभिभावक को सूचित कर दिया जाता था। ज्यादा दाखिले कुंदरकी ब्लॉक में हुए थे। मुरादाबाद नगर ब्लॉक के शिक्षकों ने दावा किया कि इसके बाद यह अभियान नहीं चलाया गया।
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इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आंकड़ों की समीक्षा की जाएगी। वैसे वर्तमान समय में बच्चों की वास्तविक संख्या ऑनलाइन हो गई है। कोई गलत संख्या नहीं दर्शा सकता है। -अनुज सिंह, डीएम

वर्ष             छात्रसंख्या
2022-23     2.6 लाख
2023-24    1.84 लाख
2024-25    1.45 लाख
2025-26    1.38 लाख

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