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UP: 25 साल चला मुकदमा... 500 से ज्यादा तारीखें, कोर्ट ने सुनाई तीन दिन की सजा, जुर्माना चुका कर घर गया दोषी

Thu, 23 Jan 2025 06:05 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद

सार

चोरी के एक मामले में स्थानीय अदालत में सुनवाई करीब 25 साल तक चली। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन दिन की सजा सुनाई। इसके साथ ही 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी पहले ही तीन दिन जेल में बिता चुका था, इसलिए सुनवाई के बाद जुर्माना अदा कर वह घर चला गया।
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मुरादाबाद कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चोरी के एक मामले की अदालत में 25 साल सुनवाई चली। इस दाैरान 500 से ज्यादा तारीखें लगीं। तारीखों पर वादी, गवाह, विवेचक और आरोपी बयान देने के लिए अदालत में हाजिर हुए। बुधवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन दिन की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया। दोषी पहले ही तीन दिन जेल में बिता चुका था, इसलिए सुनवाई के बाद जुर्माना अदा कर वह घर चला गया।

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चोरी की यह घटना 23 जुलाई 2000 को मूंढापांडे थाना क्षेत्र के सिरसखेड़ा गांव निवासी कय्यूम के घर में हुई थी। रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कय्यूम ने बताया था कि घटना वाले दिन परिवार के सभी लोग बाहर गए थे। इसी दौरान सिरसखेड़ा निवासी खलील उसके घर में घुसा और उसने घर में रखे रुपये चोरी कर लिए थे। तभी कय्यूम और उसके परिवार के लोग आ गए और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया था।

पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से रुपये बरामद कर लिए थे। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में आरोपी तीन दिन तक जेल में रहा और बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इस मामले की एसआई बीएस राणा ने विवेचना की और आरोपी के खिलाफअदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
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केस की सुनवाई एसीजेएम-3 मुकीम अहमद की अदालत में चली। डीजीपी के कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस ने कोर्ट में केस की पैरवी की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा और कहा कि खलील को झूठा फंसा गया है। केस में तारीखों पर कय्यूम, खलील, विवेचक बीएस राणा के अलावा गवाह भी पेश हुए और उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने खलील को चोरी की घटना में दोषी पाया। अदालत ने दोषी को जेल में बिताए गए तीन दिन की सजा सुनाई। साथ ही 500 रुपये का जुर्माना लगाया।

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18 साल पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में भी तीन दिन की सजा

18 साल पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में अदालत ने दोषी को तीन दिन की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। शहर कोतवाली में पांच जुलाई 2007 को एसआई रघुवीर सिंह ने गलशहीद निवासी नौशाद अली के खिलाफ केस दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि बुधबाजार चौक के पास आरोपी नौशाद चाकू लेकर घूम रहा था।

वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की विवेचना एसआई प्रमोद कुमार ने की और आरोपी नौशाद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इस केस की सुनवाई एसीजे (एसडी)- एक सुमित पारासर की अदालत में चली। अदालत ने इस मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए जेल में बिताए गए तीन दिन की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।

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