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दावे बेशुमार, ऑक्सीजन को लग रही लंबी कतार

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मुरादाबाद। कहने को अस्पतालों के पास ऑक्सीजन की कमी नहीं है। कोविड अस्पतालों को सरकारी देखरेख में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। दावा यह भी है कि ऑक्सीजन के जरूरतमंद मरीजों को समय से और सहजता से ऑक्सीजन मिल जाए, इसके लिए नोडल अफसर से लेकर पुलिस और लेखपालों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है लेकिन जमीनी हकीकत देखें तो आज के समय में ऑक्सीजन का एक अदद सिलिंडर वही हासिल कर पा रहे हैं, जो नींद और भूख भुलाकर ऑक्सीजन के गोदामों की लंबी लाइन में घंटों खड़े होने की कुव्वत रखते हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो सिलिंडर की मारामारी से जूझते लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।
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- दलपतपुर स्थित कलिंगा एयर प्रोडक्ट के गैस गोदाम पर सोमवार को सुबह छह बजे ही खासी लंबी लाइन थी। इसमें कतारबद्ध मोहम्मद आसिफ ने बताया कि मरीज की हालत से जन्मी जरूरत उन्हें गोदाम के ताले खुलने से पहले ही यहां खींच लाई। आसिफ ने बताया कि सुबह छह बजे से लाइन में लगे तो दोपहर दो बजे सिलिंडर हाथ आया।
- कुछ इसी तरह का अनुभव तरुण त्यागी और अजय शर्मा का था। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि संक्रमण काल में सोशल डिस्टेंसिंग कितनी जरूरी है लेकिन ऑक्सीजन की मारामारी के कारण लाइन में लगते वक्त महामारी का खतरा भूल गए।
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- गोदाम पर लगी कतार में शामिल सुबोध त्यागी, मोहम्मद अजीज, पप्पू शर्मा ने कहा औसतन आठ से दस घंटे लाइन में लगने के बाद ऑक्सीजन हासिल कर पाए हैं। लगभग इतना ही वक्त गोदाम पर गुजारने की बात अनवर हुसैन, इमरान अंसारी और सुशील शर्मा ने भी दोहराई। यह बेबसी भी बताई कि इस बीच कुछ खाने या टॉयलेट जैसी जरूरत के लिए भी लाइन से अलग नहीं हो सकते थे, क्योंकि हटते ही फि र नए सिरे से अपना नंबर लगाना पड़ता।
- शहर की क्वात्रा गैस एजेंसी और कॉमन आक्सीप्योर गैस एजेंसी पर भी तकरीबन इसी तरह का दृश्य था। इन स्थानों पर मौजूद मरीजों के तीमारदारों ने भी एक सिलिंडर के लिए घंटों गोदाम पर गुजारने की बेबसी बताई। बादरपुर गांव के जाफर ने बताया कि उनकी मम्मी बीमार हैं। दो दिन बाद सोमवार को सुबह आठ बजे मुरादाबाद ऑक्सीजन गैस एजेंसी पर लाइन में लगे। शाम चार बजे सिलिंडर मिलने का नंबर आया।
सेंटिंग करने वालों के दो ऑडियो और वीडियो हुए वायरल
शहर में ऑक्सीजन की किल्लत के बीच वायरल हुए दो ऑडियो और वीडियो चर्चा में हैं। वायरल वीडियो में ऑक्सीजन गोदाम के बाहर लोगों की भीड़ लंबी लाइन से दिक्कत और सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रहीं धज्जियों को दर्शाया गया है जबकि एक ऑडियो में 52 सौ रुपये में बिना लाइन में लगे ऑक्सीजन सिलिंडर दिलाने की डील की जा रही है। इस ऑडियो में सेटिंग करने वाला कह रहा है कि पैसे की व्यवस्था करो फिर बता दूंगा कि कैसे क्या करना है। दूसरे ऑडियो में 12 हजार की ऑक्सीजन और 15 हजार रुपये सिलिंडर की सिक्योरिटी राशि मांगी जा रही है।
प्रशासन ने अपने हाथ में ली व्यवस्थाए फिर भी ये हाल
जरूरतमंदों को ऑक्सीजन गैस की समस्या न हो, अस्पतालों को मांग के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सके, इसके लिए डीएम राकेश कुमार सिंह ने मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। डीएम ने बताया कि तीन प्रमुख एजेंसी हैंए जिनमें क्वात्रा गैस एजेंसी पर डिप्टी कलेक्टर बृजेश त्रिपाठी, कलिंग गैस एजेंसी पर तहसीलदार सदर और कॉमन ऑक्सीक्योर गैस एजेंसी पर नायब तहसीलदार को बतौर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इनके निर्देशन में लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है, जो डॉक्टर का पर्चा आदि देखकर तीमारदारों को ऑक्सीजन दिलवा रहे हैं। संबंधित थाना प्रभारी की निगरानी में पुलिस बल भी लगाया गया है। जरूरतमंदों को ऑक्सीजन की दिक्कत न हो और दुरुपयोग न हो सके, इसके लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
- गंभीर रोगियों के लिए मजिस्ट्रेट को कर सकते हैं कॉल
- क्वात्रा गैस एजेंसी, लाकड़ी फाजलपुर . बृजेश त्रिपाठी.डिप्टी कलेक्टर. 6388675514
- कलिंगा गैस एजेंसी, दलपतपुर. तहसीलदार सदर. 9454416875
- कॉमन ऑक्सीप्योर, डिलारी रोड. नायब तहसीलदार.9454416887
इन्हें प्राथमिकता से ऑक्सीजन देने का है आदेश
- कोविड सहित सभी अस्पतालों को डिमांड के अनुसार
- कोविड संक्त्रस्मित आइसोलेट मरीजों को
- श्वांस आदि के गंभीर मरीजों को डॉक्टर के पर्चे पर
- कोविड संक्रमण को देखते हुए दवाओं और ऑक्सीजन गैस की कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए एसएसपी के नेतृत्व में एसओजी टीम निगरानी कर रही है। यदि कोई कालाबाजारी अथवा जमाखोरी करने की कोशिश करेगा तो उसे जेल भेजा जाएगा। कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की कालाबाजारी और दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार सिंह, डीएम
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