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छजलैट बवाल प्रकरण में हुई जिरह, दो पुलिस कर्मियों ने दी गवाही

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कोर्ट पहुंचे विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नईम उल हसन। - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। तेरह साल पुराने बहुचर्चित छजलैट बवाल प्रकरण में सोमवार दोपहर एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट में जिरह हुई। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता और शासकीय अधिवक्ता मौजूद रहे। इस मामले में दो पुलिस कर्मियों ने गवाही दी है। अब इस मामले में बारह फरवरी को सुनवाई होगी। इसके अलावा कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में आरोपी सांसद आजम खां की वीडियो कांफ्रेंस से सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है।
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जनवरी वर्ष 2008 में छजलैट थाने में पूर्व मंत्री व सपा सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, अमरोहा के सपा विधायक महबूब अली, मुरादाबाद देहात सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नूरपुर सपा विधायक नईम उल हसन, नगीना सपा विधायक मनोज पारस के अलावा सपा नेता राज कुमार प्रजापति, डीपी यादव, राजेश यादव समेत अन्य कई सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। दरअसल पुलिस ने पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी की चेकिंग की थी। इसके विरोध में आजम खां और उनके समर्थक सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए थे। इसी प्रकरण में पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इस मामले में कोर्ट में पेश न होने पर आजम खां के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज किया गया था।
दोनों मामलों में सोमवार को एमपी/ एमएलए की विशेष कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें छजलैट थाने के तत्कालीन हेड कांस्टेबल (अब सेवानिवृत्त) महादेव और रिपोर्ट लिखने वाले लेखक रोहताश ने सोमवार को कोर्ट पहुंचकर गवाही दी। इस दौरान एडीजीसी मोहनलाल विश्नोई कोर्ट में मौजूद रहे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शाहनवाज सिब्तेन ने कोर्ट में पहली तारीख पर गवाह तत्कालीन एसआई महेंद्र पाल सिंह के दोबारा बयान कराने को प्रार्थना पत्र दाखिल किया जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। सोमवार को छजलैट के मुख्य केस में आरोपी मुरादाबाद देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी व नूरपुर विधायक नईमुल हसन, राजेश यादव और राज कुमार प्रजापति कोर्ट में उपस्थित हुए। जबकि अमरोहा के सपा विधायक महबूब अली और नगीना के मनोज पारस, डीपी यादव और सीतापुर जेल में बंद सांसद आजम खां व बेटा अब्दुल्ला आजम कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। एडीजीसी मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि छजलैट के मुख्य केस में 12 फरवरी और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के मामले में 10 फरवरी की तारीख लगी है।
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