मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से सहारनपुर के लिये ट्रेन से जाते यात्री।
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मुरादाबाद। 22 फरवरी से शुरू हुई पैसेंजर ट्रेनों का समय दैनिक यात्रियों के अनुसार सही न होने के कारण इन ट्रेनों में भीड़ कम है। मंगलवार को मुरादाबाद-सहारनपुर पैसेंजर के लिए 91 और बरेली-दिल्ली पैसेंजर के लिए मुरादाबाद से मात्र 23 टिकट बिके। नतीजा यह रहा कि दोनों ट्रेनों की कुल 4000 सीटों पर मुरादाबाद से महज 113 लोगों ने ही सफर किया।
22 फरवरी से रेलवे ने दोनों पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू किया है। यात्री काफी समय से पैसेंजर ट्रेनों की मांग कर रहे थे। ट्रेनें चलीं भी तो इनका समय यात्रियों के मुताबिक ठीक नहीं है। मुरादाबाद-सहारनपुर पैसेंजर शाम साढ़े छह बजे जबकि बरेली-दिल्ली पैसेंजर रात साढ़े 10 बजे मुरादाबाद स्टेशन से रवाना होती है। इन ट्रेनों के चलने से रोजाना सफर करने वाले नौकरी पेशा लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ। ट्रेनों का समय मुरादाबाद से अमरोहा, गजरौला, गढ़मुक्तेश्वर, कांठ, स्योहारा, धामपुर आदि आसपास के शहरों में नौकरी के लिए जाने वाले लोगों के दफ्तर का समय के अनुसार नहीं है। हालांकि जो लोग कांठ, स्योहारा आदि शहरों से नौकरी करने रोजाना मुरादाबाद आते हैं। उनके लिए मुरादाबाद-सहारनपुर पैसेंजर उपयोगी है लेकिन ऐसे लोगों की संख्या कम है। इसके अलावा दिल्ली जाने के लिए भी बरेली-दिल्ली पैसेंजर का समय उचित नहीं है।
यह ट्रेन मुरादाबाद जंक्शन से रात साढ़े 10 बजे चलकर सुबह साढ़े तीन बजे दिल्ली पहुंचाती है। ऐसे में दिल्ली जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। दूसरी ट्रेनों में अनारक्षित टिकट उपलब्ध न होने और किराया अधिक होने का कारण ज्यादा यात्री सफर नहीं कर रहे हैं। टीटीई स्टाफ के मुताबिक 20 बोगियों वाली पैसेंजर ट्रेन की प्रत्येक बोगी में 96 से 108 सीटें है। इस प्रकार दोनों ट्रेनों में कुल मिलाकर लगभग 4000 सीटे हुईं। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक जेके ठाकुर ने बताया कि सोमवार को मुरादाबाद-सहारनपुर पैसेंजर के लिए 53 टिकट बिके थे, जबकि मंगलवार को 38 टिकट अधिक बिके।