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Moradabad News: एआई से अमेरिका में रह रहे भांजे की बदली आवाज, बार के पूर्व अध्यक्ष से ठग लिए दो लाख रुपये

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मुरादाबाद।
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तेजी से विकसित हो रही नई तकनीक ऑटिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर साइबर अपराधी लोगों को ठग रहे हैं। जिनके झांसे में आकर दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप सिन्हा भी 2 लाख 17 हजार 800 रुपये गंवा चुके हैं। साइबर अपराधी ने प्रदीप सिन्हा को अमेरिका में रह रहे उनके भांजे अन्नू का नाम लेकर कॉल की। आवाज हू ब हू अन्नू की लग रही थी। आरोपी ने कहा कि उसने उनके खाते में रकम भेजी है। जिसमें 2 लाख 17 हजार 800 रुपये मेरे दोस्त के खाते में जमा करा दें।
नागफनी के डिप्टी गंज निवासी अधिवक्ता प्रदीप सिन्हा बार के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। उन्होंने कॉल रिसीव की तो सामने सामने वाले ने कहा कि मैं अमेरिका से आपका भांजा अन्नू बोल रहा हूं। उनका भांजा अमेरिका में रहता है और आवाज में भी कोई अंदर नहीं था। जिस कारण दोनों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद आरोपी ने कहा कि वह मुझे आप अपना बैंक खाता नंबर भेज दें। मैं आपके खाते में पैसे भिजवाऊंगा। अधिवक्ता ने विश्वास करते हुए अपना खाता नंबर और बैंक का आईएफएससी कोड भेज दिया। कुछ देर बाद फोन आया कि मैंने आपके खाते में 9 लाख 20 हजार रुपये भेज दिए हैं। इसके बाद आरोपी ने एक स्लिप भी अधिवक्ता के मोबाइल पर भेज दी। आरोपी ने कहा कि वह इस रकम से 2 लाख 17 हजार 800 रुपये मेरे दोस्त के खाते में जमा करा दें। उसने सुभादीप पात्रा निवासी कोलकाता का
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खाता संख्या भेज दिया। तब अधिवक्ता ने बुधबाजार स्थित साइबर कैफे से आरोपी द्वारा बताए गए खाते में दो लाख 17 हजार 800 रुपये ट्रांसफर करा दिया। अधिवक्ता ने बैंक जाकर अपना खाता चेक कराया तो पता चला कि उनके खाते में कोई रकम नहीं आई है। तब उन्होंने अमेरिका में रहने वाले भांजे से फोन पर बात की। भांजे ने बताया कि उसने कोई रकम नहीं भेजी है। तब उन्हें साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने साइबर सेल और थाने में इस मामले की शिकायत की है।

तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से रकम वापस कराने प्रयास किया जा रहा है। -अखिलेश भदौरिया, एसपी सिटी
इस तरह साइबर अपराधी बदल रहे आवाज
वॉयस क्लोनिंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए किसी की भी आवाज की नकल करने के लिए सिर्फ तीन से पांच सेकेंड का वीडियो चाहिए। साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम या यूट्यूब पर सर्च कर किसी भी आवाज का सैंपल ले लेते हैं। इसके बाद वाॅयस क्लोन कर उनके परिचित, रिश्तेदारों को फोन करते हैं। आवाज की क्लोनिंग ऐसी होती है कि पति-पत्नी, पिता पुत्र तक आवाज नहीं पहचान पा रहे हैं।
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अंजान नंबर से कॉल आए तो रकम ट्रांसफर से पहले कर लें पता
अगर आपके पास दोस्त, रिश्तेदार की आवाज में किसी नंबर से फोन आए तो आप सतर्क हो जाएं। तुरंत ही उनके पास फोन कर पहले जानकारी लें, तब ही रकम ट्रांसफर करें। केवल आवाज पहचान कर पैसे दिए तो फंस जाएंगे।
ठगी से बचाव के लिए करें ये उपाय

- अलग-अलग अकाउंट का अलग-अलग पासवर्ड रखें, एक-जैसे पासवर्ड बनाने से बचें।

- दोस्त या रिश्तेदार की आवाज में पैसे के लिए फोन आए तो एक बार खुद फोन करके कंफर्म कर लें ।

- साइबर ठगी के शिकार होने पर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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