मुरादाबाद। हज यात्रा पर जाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि (पांच दिसंबर) के दो दिन शेष रह गई जाने के बाद भी आवेदकों की संख्या में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। हालत यह है कि निर्धारित कोटे से 50 फीसदी भी आवेदन नहीं हो सके हैं। इससे साफ है कि आवेदकों की सुविधा को देखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर जिले में खोले गए 12 सुविधा केंद्रों का भी कोई खास लाभ नहीं मिल सका है। हज कमेटी से जुड़े लोगों को मानना है कि यदि आवेदन की तिथि आगे नहीं बढ़ाई गई तो इस बार निर्धारित लक्ष्य से हज पर जाने वाले लोगों की संख्या काफी कम रह जाएगी।
जिले में हज यात्रियों के लिए इस बार 5558 लोगों का कोटा निर्धारित किया गया है। एक सप्ताह पहले तक जिले से करीब दो हजार लोग ही आवेदन कर सके थे। हट कमेटी से जुड़े लोगों ने दावा किया था कि इस बार ऑनलाइन आवेदन से आवेदकों को हो रही दिक्कत के चलते ऐसा हो रहा है। तर्क दिया था कि अधिकांश हज यात्री ग्रामीण क्षेत्र से जाते हैं, जिन्हें ऑनलाइन आवेदन मेें दिक्कत आ रही है। इधर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के लिए जिले के 12 स्थानोें पर केंद्र बना कर लोगों से उन सेंटरों पर पहुंच कर मुफ्त ऑनलाइन आवेदन कराने की भी अपील की। लेकिन आवेदनों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। हज कमेटी से जुड़े लोगों का कहना कि प्रशासनिक प्रयास से करीब 200 और लोगों ने आवेदन किया है।
हज कमेटी के मास्टर ट्रेनर खुसरो फैसल राजा ने बताया कि कम आवेदन की संख्या सिर्फ इस जिले की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की स्थिति भी लगभग ऐसी ही है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश से इस बार करीब 35 हजार लोगों के हज पर जाने का कोटा निर्धारित किया गया है, लेकिन अभी तक पूरे प्रदेश से करीब 13 हजार लोग ही आवेदन कर सके हैं। उन्होंने कहा कि यह कमी सिर्फ ऑन लाइन में आने वाली दिक्कत को लेकर नहीं है, बल्कि सबसिडी खत्म होने से हज यात्रियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ भी एक वजह है।