फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वंश गोपाल से चौबीस कोसीय तीर्थ परिक्रमा शुरू, बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

Fri, 01 Nov 2019 12:19 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, संभल
विज्ञापन
श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

अयोध्या, मथुरा की तरह परम कल्याणकारी कल्कि नगरी संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की चौबीस कोसीय परिक्रमा का गुरूवार की भोर में वंश गोपाल तीर्थ से विधिवत शुभारंभ किया गया। 

विज्ञापन


परिक्रमा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ आस्था की डगर पर आगे बढ़ती चली गई। चंद्रेश्वर तीर्थ पर रात्रि विश्राम हुआ। जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोहा। वहीं, साधु-संतों के प्रवचन ने श्रद्धालुओं को धर्म का मर्म समझाया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने खुद ही परिक्रमा पर निगरानी बनाए रखी।

चौबीस कोसीय संभल तीर्थ परिक्रमा को लेकर लोगों में कितना उत्साह था, इसका नजारा बुधवार की शाम से दिखने लगा था। रात होते-होते प्राचीन तीर्थ श्री वंश गोपाल कल्किधाम बेनीपुर चक में दूरदराज से पहुंचे तीर्थ यात्रियों के सैलाब से तीर्थ परिसर जगमग हो उठा। रात भर भजन कीर्तन का दौर चला। 
विज्ञापन


भक्तों ने मंदिर परिसर में बने पंडाल के नीचे भजन कीर्तन किया। सुबह तीन बजते ही भक्तों ने स्नान शुरू कर दिया। पूजा अर्चना के बाद चार बजे मंदिर के महंत स्वामी भगवत प्रिय महाराज के साथ मुख्य अतिथि भाजपा के जिलाध्यक्ष ओमवीर खड़गवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश यादव, भुवनेश राघव, जीतपाल यादव, विपिन गुप्ता आदि ने भगवान श्री कल्कि की दिव्य सामूहिक आरती में भाग लिया। 

अतिथियों ने श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर और झंडा लहराकर परिक्रमा का शुभारंभ किया। परिक्रमा की फेरी माता वाली मिलक, बादल गुबंद, नाहरठेर, खानपुर खुम्मार, फिरोजपुर, क्षेमनाथ तीर्थ होते हुए चंद्रेश्वर महादेव मंदिर चंदायन पहुंची। यहां रात्रि विश्राम के लिए तीर्थ यात्री रुके। अगले दिन यानि एक नवंबर शुक्रवार को फेरी यहीं से शुरू होकर नियत मार्गों से होते हुए वंश गोपाल तीर्थ पहुंचकर संपन्न होगी। इस अवसर पर मेला लगेगा। विशाल भंडारा होगा।

विज्ञापन

जगह-जगह तीर्थ यात्रियों का स्वागत

संभल। चौबीस कोसीय परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्रियों का जगह-जगह स्वागत किया गया। तीर्थ यात्रियों के लिए शहर के कई समाजसेवी लोगों की ओर से जलपान की व्यवस्था की गई। क्षेमनाथ तीर्थ पर परिक्रमा में शामिल लोगों ने पूजा अर्चना की। फिर मार्ग पर आगे बढ़े।

जय श्री कल्कि के घोष से गूंजा परिक्रमा मार्ग
संभल। यूं तो परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्री अपनी मंजिल की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन परिक्रमा में भक्तों की भीड़ और भगवान श्री कल्कि के जयघोष ने लोगों का मन मोहा। परिक्रमा में कुछ ऐसे तीर्थ यात्री भी शामिल थे, जिनका जज्बा देखने लायक था। एक दंपती अपने बच्चे को एक चादर में लपेट कर परिक्रमा मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे। हर कोई देखने के बाद उनके इस कार्य की प्रशंसा करता नजर आया।

थके तो कुछ देर के लिए रूके भी तीर्थ यात्री
संभल। परिक्रमा में शामिल तीर्थ यात्री थक गए तो कुछ देर के लिए आराम के लिए जहां के तहां रुक भी गए। वंश गोपाल तीर्थ से शुरू होने के बाद क्षेमनाथ तीर्थ का उनमें जज्बा कम नहीं हुआ। लेकिन इससे ज्यादा चले तो कुछ थकान महसूस हुई जिसके बाद वह जहां के तहां रुक गए। क्षेमनाथ तीर्थ से चंद्रेश्वर महादेव मंदिर चंदायन तक कई जगह तीर्थ यात्री आराम करते दिखाई दिए। कुछ देर आराम के बाद आगे बढ़ गए।

एसडीएम और सीओ ने लिया जायजा
संभल। चौबीस कोसीय परिक्रमा में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में होने के चलते पुलिस प्रशासन के अधिकारी खुद ही भ्रमण पर निकल गए। वैसे तो जगह-जगह पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया और थाना प्रभारियों को भ्रमण पर रहने के निर्देश दिए गए। लेकिन इसके बावजूद एसडीएम दीपेंद्र यादव और पुलिस क्षेत्राधिकारी केके सरोज भी भ्रमण पर निकले। वंश गोपाल तीर्थ के अलावा रास्तों में कई जगह भ्रमण किया। चंद्रेश्वर तीर्थ चंदायन में भी पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। मातहतों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

तीर्थों का विकास कराया जाए
संभल। तीर्थ स्थलों के विकास की मांग एक बार फिर तेजी के साथ उठाई गई है। भाजपा नेता संजय सांख्यधर ने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पूरी कार्ययोजना बनाकर भेज रहे हैं। उन्होंने चौबीस कोसीय परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं से संवाद किया है। इसके बाद जरूरी सुविधाओं का विवरण तैयार किया है। उनके साथ नवीन अग्रवाल और शरद भारद्वाज भी थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें