मुरादाबाद। ट्रंप की ईरान पर 25 प्रतिशत की टैरिफ धमकी ने जिले के निर्यातकों की टेंशन बढ़ा दी है। टैरिफ की वजह से अमेरिका में बचे पीतलनगरी के करीब 3500 करोड़ के निर्यात पर खतरा मंडराने लगा है। शहर के तमाम निर्यातकों का कहना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका के 75 प्रतिशत टैरिफ का असर पीतलनगरी के हस्तशिल्प उत्पादों पर दिखाई पड़ने लगेगा।
जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, पीतलनगरी से हर साल करीब 10437 करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात होता है। इसका 60 प्रतिशत कारोबार अकेले अमेरिका में है। ट्रंप की भारत पर 50 प्रतिशत की टैरिफ ने वर्ष 2025 में पीतलनगरी से अमेरिका होने वाले हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात 30 प्रतिशत कम कर दिया। अब ट्रंप द्वारा ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चर्चा चल रही है। आईआईए हैंडीक्राफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी के चेयरमैन सुरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि भारत-ईरान व्यापार की वजह से ट्रंप का 25 प्रतिशत टैरिफ लागू हुआ तो पीतलनगरी से अमेरिका निर्यात होने वाले हस्तशिल्प उत्पाद काफी महंगे हो जाएंगे। वह बताते हैं कि अमेरिका में बचे पीतलनगरी के करीब 3500 करोड़ के हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार खतरे में है।
द हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सतपाल ने बताया कि कुछ दिन पहले अमेरिका ने वेनेजुएला पर 500 प्रतिशत टैरिफ की धमकी दी है। इसकी वजह से निर्यातकों ने हस्तशिल्प उत्पाद के बाजार के लिए गल्फ देशों की तरफ रुख किया। लेकिन अब गल्फ देशों में व्यापार करने पर अमेरिका में बचा बाजार भी खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा। ईरान में गिने-चुने लोग ही निर्यात करते हैं। ईरान में हर साल करीब 150 करोड़ रुपये का हस्तशिल्प उत्पाद का कारोबार होता है। निर्यातकों को साल भर में एक या दो करोड़ का आर्डर मिलता है लेकिन अमेरिका में अभी भी इसका कई गुना निर्यात हो रहा है। पीतलनगरी से अमेरिका निर्यात कम होने पर तमाम कारीगरों की नौकरी भी प्रभावित होगी।
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निर्यातकों के पास कैश एंड कैरी का बचा विकल्प
-ईपीसीएच मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल ने बताया कि ट्रंप की टैरिफ की वजह से हस्तशिल्प उत्पाद महंगे हो जाएंगे। इसके विकल्प के रूप ईपीसीएच ने कैश एंड कैरी शोरूम खोलना शुरू कर दिया है। इसके खुल जाने से निर्यातक हस्तशिल्प उत्पाद को सीधे इंपोर्टर को बेच सकेंगे। इससे बिचौलिए खत्म हो जाएंगे और उत्पाद पर टैरिफ का असर नहीं पड़ेगा। कैश एंड कैरी शोरूम हस्तशिल्प उत्पाद निर्यात होने वाले हर देश में खोला जाएगा।
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निर्यातक बोले
- अमेरिका के टैरिफ से निर्यातकों को काफी परेशानी हो रही है। अगर इसी तरह चलता रहा तो आगामी दिनों में आर्डर भी मिलने कम होंगे। आगामी आर्डर के लिए निर्यातकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।- नावेद उर रहमान, अध्यक्ष, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
-जिले के हस्तशिल्प उत्पाद पर दोहरी मार पड़ी है। टैरिफ के साथ रा-मैटेरियल की बढ़ती कीमतों से काफी परेशानी हो रही है। अमेरिका का निर्यात घटेगा और हस्तशिल्प उत्पाद का प्राइस कंपटीशन भी बढ़ेगा। जिले का आधा से ज्यादा निर्यात कम हो जाएगा।-विवेक अग्रवाल, संचालक, जेएमडी, विवेक इंटरनेशनल