ट्रक आपरेटर्स यूनियन ने घोषणा की है कि बुधवार से पेट्रोेल, गैस और डीजल के टैंकर रोकेजाएंगे। इन सेवाओं केरोकने की घोषणा के बाद से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। इन आवश्यक सेवाओं की सप्लाई यथावत बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर योजना तैयार की जा रही है। इस बारे में ट्रांसपोर्टरों के साथ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम वार्ता करकेहर संभव समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने ट्रांसपोर्टरों के इस एलान के बारे में शासन को अवगत करा दिया है। संकेत मिले हैं कि प्रदेश सरकार भी मुख्यालय पर इन सेवाओं को यथावत बनाए रखने के बोर में मंगलवार को ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों के साथ वार्ता करेगी।
दूसरी ओर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरडी चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार से पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के वाहनों को भी रोका जाएगा।
हम किसी मालवाहक वाहन को नहीं चलने देंगे। सरकार हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। जिले में पहले से ही खाद्य सामिग्री से लदे हुए ट्रकों का आवागमन न होने के कारण कई सामान का संकट होने लगा है। ऐसे में विकल्प तलाशा जा रहा है। जिससे कि भविष्य में खाद्य सामिग्री का संकट न हो और स्थानीय सामान भी दूसरे स्थानों पर आसानी से भेजा जा सके।
जिले में दिल्ली, हैदराबाद, गुजरात, हिमाचल और मध्य प्रदेश से बड़ी मात्रा में सामान आता है। इनमें मसाले, कपड़ा, प्याज, पपीता, सेब, अननास , केला, नमक और नारियल शामिल है। ट्रकों की हड़ताल से इनकी कमी होने लगी है। क्षेत्र में पैदा होने वाले टमाटर, करेला, लौकी, तोरई, खीरा आलू आदि को बाहर भेजा जाता है। यह सामान क्षेत्र में ही रुक गया है। सब्जियों की कीमतों में गिरावट आनी शुरू हो गई है।
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