मुरादाबाद। शहर के व्यस्ततम लोकोशेड पुल पर शुक्रवार शाम करीब छह बजे नो एंट्री में घुसा एक बेकाबू ट्रक स्कूटी सवार को 150 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। जब तक आसपास गुजर रहे लोगों ने उसे रोका तब तक स्कूटी सवार नौजवान की मौत हो चुकी थी। उसकी पहचान हिमगिरी निवासी शुभम (24) के रूप में हुई है। उसके पिता राज कुमार कमिश्नर कार्यालय में कार्यरत हैं। दो छोटे भाई अभिषेक और बाबू व मां नीलम हैं। शुभम फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में कार्यरत था। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम वह स्कूटी से बुद्धि विहार स्थित अपने दफ्तर जा रहा था। शाम करीब छह बजे वह लोकोशेड पुल पर शिव मंदिर के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान नो एंट्री को धता बताता हुआ एक तेज रफ्तार ट्रक पीछे से आया और स्कूटी सवार शुभम को चपेट में ले लिया। पूरा दिन जाम से जूझने वाले पर बेकाबू ट्रक को स्कूटी सवार को रौंदता देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
ट्रक छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर
पुल की ठोकर पर पहुंचने के बाद चालक ट्रक को ढलान पर ही छोड़कर कूद गया। ढलान के कारण ट्रक तेजी से पीछे की तरफ हटा तो कई दोपहिया वाहन उसकी चपेट में आ गए। इससे लोगों में चीख पुकार मच गई। गनीमत रही के पुल पीछे खिसकने के बाद मंदिर और आईसीडी की दीवार से टकराकर रुक गया। नहीं तो इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था।
जब तक घायल शुभम को अस्पताल में ले जाया जाता, उसकी मौत हो चुकी थी।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस नवल मारावाहा ने बताया कि ट्रक कब्जे में ले लिया है। उसका चालक और हेल्पर मौके से भाग गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
ट्रक चालक पर मुकदमा लिखेंगे: एसपी यातायात
मुरादाबाद।
पुलिस अधीक्षक यातायात सतीश चंद्र का कहना है कि सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक शहर में भारी वाहनों के लिए नो एंट्री लागू है। उन्होंने कहा कि ट्रक वाले एंट्री समय में ट्रक को शहर के अंदर लाकर जहां तहां खड़ा कर लेते हैं। ट्रक नो एंट्री में लोकोशेड पुल पर कैसे पहुंचा, इसकी जांच कराएंगे। नो एंट्री में ट्रक लेकर घुसे चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
शुभम की मौत का जिम्मेदार कौन ..तय आप करिए, ट्रक चालक या फव्वारा चौक पर तैनात पुलिस वाले
ट्रक ड्राइवर पर एफआईआर दर्ज करने से क्या माता - पिता को वापस मिल जाएगा शुभम
कोई और शुभम न बने इसलिए आगे आइए ताकि तय हो इस मौत की जिम्मेदारी, उनको मिले सजा
ये हैं अनसुलझे सवाल
जहां स्कूटी सवार बिना हेलमेट क्रास नहीं कर सकता
आखिर नो एंट्री में कैसे पहुंचा ट्रक
दिनभर नो एंट्री फव्वारा चौक पर तैनात रहने वाले चार से पांच ट्रैफिक कर्मचारी ने आखिर ट्रक को कैसे आगे जाने दिया
मुरादाबाद।
शहर के बच्चे - बच्चे को मालूम है कि फव्वारा चौक से बगैर हेलमेट दोपहिया लेकर गुजरे तो पुलिस पक्का चालान काट देगी। चौराहे पर आप रोके नहीं भी गए तो भी तय मानिए चौराहे पर खड़े पुलिस वाले फोटो खींचकर चालान डाक से घर भेजेंगे ही भेजेंगे। अब जरा सोचिए, जिस चौराहे पर पुलिस की मुस्तैदी इस कदर काबिल ए तारीफ हो वहां कोई ट्रक नो एंट्री तोड़कर भला कैसे गुजर सकता है। लेकिन शुक्रवार शाम यही हुआ। बाइक पर बगैर हेलमेट बैठे सवार को बड़ी दूर से देख लेने वाले यातायात पुलिस कर्मी अपनी नजरों के सामने से फर्राटा भरते ट्रक को नहीं देख सके। लोकोशेड पुल पर एक फाइनेंस कर्मी को कुचलकर मार डालने वाला ट्रक फव्वारा चौक से होकर लोकोशेड पहुंचा और आगे दिल्ली रोड पर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोकोशेड पुल जहां हादसा हुआ वहां भी चंद कदमों की दूरी पर तीन यातायात पुलिस कर्मी मोबाइल से बगैर हेलमेट वालों की फोटो खींच रहे थे। शुक्रवार को हुए इस हादसे ने एक बार फिर से यातायात पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ये बात शायद ही किसी के गले उतरे कि यह ट्रक यातायात पुलिस की कृपा के बगैर नो एंट्री में शहर की सड़कों पर दौड़ पर रहा था। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शुभम की मौत का जिम्मेदार आखिर कौन है, ट्रक ड्राइवर या फिर ट्रैफिक पुलिस के वो कर्मचारी जो ड्युूटी पर थे। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इससे शुभम के माता पिता को उनका बेटा वापस मिल पाएगा।
आओ तय करें इस मौत की जिम्मेदारी
अमर उजाला शहर के लोगों से आह्वान करता है कि आए दिन हो रहे सड़क हादसों और उनमें होने वाली असमय मौतों को रोकने के लिए आगे आएं। ताकि यातायात नियम तोड़ने वाला कोई ट्रक चालक फिर से किसी और शुभम को रौंदता हुआ न ले जाए। शुभम की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है, आप ही तय करें और अपनी प्रतिक्रिया हमें 7617566166 पर व्हाट्सएप करें। जिससे कि अफसरशाही व राजनीतिक लोगों को इस गंभीर मुद्दे पर सोचने के लिए विवश किया जा सके।