मुरादाबाद। परीक्षा पास करने के बाद दो वर्ष से प्रशिक्षण और नियुक्ति के लिए भटक रहे 1264 सहायक लोको पायलटों को रेलवे ने एक बार फिर निराश कर दिया है। पिछले महीने प्रशिक्षण का शेड्यूल जारी करने के बाद अब प्रशिक्षण 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया है। पिछले माह जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक सहायक लोको पायलटों का प्रशिक्षण एक जून से शुरू होना था। लेकिन त्तर रेलवे ने हाल ही में 15 दिन के लिए इसे स्थगित कर दिया है।
यह क्रम लगातार पिछले दो साल से चल रहा है। उत्तर रेलवे इन सहायक लोको पायलटों को हर बार अगले महीने प्रशिक्षण शुरू करने का झूठा आश्वासन देता है। इसके बाद महीने की अंतिम तारीख को प्रशिक्षण स्थगित करने का नोटिस भेज दिया जाता है। इससे उत्तर रेलवे के 1264 सहायक लोको पायलट परीक्षा पास करने के बाद भी बेरोजगार घूम रहे हैं और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। जबकि दूसरे रेलवे जोन सहायक लोको पायलटों का प्रशिक्षण पूरा करा चुके हैं।
दूसरे जोन में इन अभ्यर्थियों के साथ भर्ती हुए सहायक लोको पायलट इनसे वरिष्ठ हो गए हैं, लेकिन अभी इनका प्रशिक्षण तक शुरू नहीं हो पाया। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में प्री परीक्षा और वर्ष 2019 में मुख्य परीक्षा देने के बाद मुरादाबाद के 504, लखनऊ के 412 और शेष अंबाला और फिरोजपुर मंडल के अभ्यर्थियों का चयन उत्तर रेलवे में एएलपी के लिए हुआ।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उत्तर रेलवे के पास प्रशिक्षण कराने के लिए सबसे ज्यादा संसाधन हैं। इसके बावजूद प्रशिक्षण शुरू नहीं कराया जा रहा है। 72 दिन के प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी जाती है, लेकिन इन 72 दिनों के लिए रेलवे बार बार बहाने बनाकर बात टाल रहा है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि कोरोना के कारण काफी कोर्स ऑनलाइन चल रहे हैं, लेकिन सहायक लोको पायलटों की ट्रेनिंग ऑनलाइन नहीं कराई जा सकती। शेड्यूल बन चुका है, अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और नियुक्ति दी जानी तय है।