मुरादाबाद। लखनऊ से आनंद विहार जा रही डबल डेकर 12583 मुरादाबाद के कटघर स्टेशन से निकलते ही रविवार सुबह पटरी से उतर गई। यहां पटरी मरम्मत के लिए कॉशन लिया गया था और धीमी गति से ट्रेन को गुजारा जा रहा था। अचानक तेज झटके से रेलगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर किसी तरह से गाड़ी को नियंत्रित किया गया। शुक्र रहा कि बड़ा हादसा बच गया। इससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
मुरादाबाद और कटघर स्टेशन के बीच रेलवे पटरी की मरम्मत के लिए रविवार सुबह से कर्मचारी जुटे थे। करीब सवा दस बजे डबल डेकर एक्सप्रेस कटघर स्टेशन से निकली। क्रासिंग के पास ही लोको पायलट को जोर का झटका लगा था। इसके बाद उसने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लिया। लेकिन रेलवे ट्रैक सुरक्षित नहीं होने की वजह से सी-5 और सी-7 बोगी के दो-दो पहिए पटरी से उतर चुके थे। सफर कर रहे यात्रियों को झटका लगने के बाद आशंकित होकर ट्रेन से उतर आए। मंडल मुख्यालय से कुछ दूरी पर हादसा होने की वजह से डीआरएम तरुण प्रकाश, सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा, एसपी सिटी अंकित मित्तल समेत अधिकारी मौके पर पहुंच गए। लोको पायलट के मुताबिक ट्रेन की गति 15 किमी प्रति घंटा ही थी। स्पीड तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। दुर्घटना होने की वजह से अवध असम एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस समेत ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर रोक दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक कोई यात्री चोटिल नहीं हुआ है। रेलवे के अफसरों के मुताबिक दोपहर 3.30 बजे गोविंदनगर में रेलवे ट्रैक को संचालन के लायक बनाया जा सका।
10 बोगी के यात्रियों को चार बोगी में भेजा
अधिकारियों ने यात्रियों को समझाकर इंजन के साथ लगी बोगी सी-1 से सी-4 में समायोजित किया। डीआरएम के मुताबिक ट्रेन में यात्री संख्या कम थी। इसलिए अधिकांश सीट खाली थी। चार बोगियों में दस बोगी के यात्रियों को बैठाने के बाद मुरादाबाद स्टेशन के लिए रवाना किया गया। लेकिन मुरादाबाद स्टेशन पर सुविधाएं नहीं मिलने से यात्रियों ने हंगामा किया।
अवध असम, अमरनाथ समेत ट्रेनें प्रभावित
अप लाइन पर दुर्घटना होने की वजह से डाउन लाइन का संचालन भी प्रभावित हो गया। अवध असम एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस समेत आधा दर्जन ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर रोक दिया गया। रेलवे के अफसरों के मुताबिक दोपहर 3.30 बजे गोविंदनगर में रेलवे ट्रैक को संचालन के लायक बनाया जा सका।
हाईड्रोलिक जैक से पटरी पर आईं बोगियां
दुर्घटना होने के 45 मिनट बाद यानी करीब 11 बजे दुर्घटना राहत यान मौके पर पहुंच गया। सी-5 से सी-10 बोगियों को तकनीकी स्टाफ ने जांचा। सी-5 और सी-7 के पहियों को वापस ट्रैक पर लाने के लिए हाईड्रोलिक जैक का इस्तेमाल किया गया। इनकी मदद से कुछ देर में ही पहिए दोबारा ट्रैक पर आ गए।
गति अधिक होती तो होता बड़ा हादसा
रेलवे ट्रैक पर मरम्मत के कामों की वजह से 20 किमी प्रति घंटा का कॉशन लगाया गया था। 15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से डबल डेकर गुजारी जा रही थी। गनीमत रही कि ट्रेन गति में नहीं थी। अन्यथा यहां बड़ा हादसा हो सकता था। अफसरों ने भी तब राहत की सांस ली, जब सामने आया कि कोई यात्री चोटिल नहीं है।
दुर्घटना की पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। रेलवे पटरी पर काम करवा रहा था। कॉशन भी लगा हुआ था। बेपटरी हुई बोगियों को 11.55 बजे दोबारा पटरी पर लाया जा चुका था - तरुण प्रकाश, डीआरएम