दिल्ली फैजाबाद एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद ट्रेनों को जहां तहां खड़ा कर दिया गया। हादसे का असर मुरादाबाद स्टेशन पर दिखाई दिया। ट्रेनों का इंतजार कर रहे परेशान दिखाई दिए। कभी इन्क्वायरी पर तो कभी आपस में बात करते। उन्हें नहीं बताया गया कि ट्रेन का एक्सीडेंट होने के कारण गाड़ियां का संचालन बंद है।
काफी देर बाद मुरादाबाद नहीं आने वाली ट्रेनों की घोषणा की गई। तब यात्री स्टेशन मास्टर और पूछताछ केंद्र पर इकट्ठा हो गए। कुछ यात्रियों ने हंगामा भी किया, लेकिन उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया गया। सभी यात्रियों को पूरा किराया वापस करने की घोषणा की गई।
गढ़मुक्तेश्वर के नजदीक करीब नौ बजे हादसा हुआ। यह समय ट्रेनों के गुजरने का महत्वपूर्ण समय है। एक के पीछे एक ट्रेन लगी होती है। मुरादाबाद स्टेशन पर भी बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। हादसे के बाद रूट पर सभी ट्रेनों को रोक दिया गया। जो गाड़ियां स्टेशन पर खड़ी थीं वे खड़ी की खड़ी रह गईं। यात्री भी परेशान घूम रहे थे।
लेकिन सही जानकारी नहीं मिल पाने से परेशान घूमते रहे। कुछ यात्रियों को एक्सीडेंट की जानकारी होने के बाद यात्री परेशान हो गए। पूछताछ केंद्र पर भीड़ लग गई। बाद में उन्हें मुरादाबाद नहीं आने वाली गाड़ियों के बारे में बताया गया तो यात्री ने शोर शराब किया। लेकिन उन्हें समझा दिया गया। यात्रियों को किराया रिफंड कराने की घोषणा कर दी गई।
वहीं कई यात्रियों को महत्वपूर्ण कार्य छोड़ने पड़ गए। कुछ रोडवेज बस स्टैंड की ओर रवाना हुए। जिनका कंफर्म टिकट था उन्हें आगे की यात्रा के लिए सहारनपुर की दिशा से आने वाली ट्रेनों से निराश होकर जनरल कोच में रवाना हुए।
उच्च स्तरीय कमेटी करेगी जांच
मुरादाबाद। एडीआरएम संजीव मिश्रा ने बताया कि यात्री गाड़ी होने के कारण उच्च स्तरीय जांच होगी। घटना की जांच के लिए जे ग्रेड की कमेटी बनाई जाएगी। जिसमें कम से पांच अधिकारी शामिल होंगे। कमेटी के सदस्यों के नामों की घोषणा सोमवार को होगी। ट्रेन दुर्घटना के कारण अभी स्पष्ट नहीं हुए हैं। ज्वाइंट रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।