मंडल के प्रत्येक जिलों की एक हजार पुलिस और दर्जनों प्रशासनिक अधिकारी डायवर्जन का पालन कराने के लिए रात से ही मुस्तैद रहे। पुलिस कर्मियों ने शहर से अंदर बड़े वाहनों के अलावा कारों के प्रवेश पर रोक लगा दी। सावन के चौथे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए ब्रजघाट और हरिद्वार से गंगाजल लेकर रविवार को कांवड़ियों का जत्था शहर की सड़कों से गुजरा। इस दौरान कांवड़ियों की भीड़ के आगे दिल्ली रोड की एक लेन कम पड़ गई। इसके बाद दोनों लेन पर कांवड़िये ही कांवड़िये नजर आए।
दिल्ली रोड की तरह कांठ रोड पर भी हरिद्वार से आने वाले कांवड़ियों के डीजे से शहर में यातायात व्यवस्था कुछ देर के लिए थम गई। काफी संख्या में कांवड़िये रामपुर रोड हुए बरेली की तरफ चले गए। कुछ कांवड़िये बस अड्डों पर आराम करने के लिए ठहर गए। जिला प्रशासन का अनुमान था कि दो लाख से अधिक की संख्या में शिवभक्त शहर में आए हैं। जिला प्रशासन को डर था कि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई दुर्घटना न हो सके। इसके लिए वाहनों के संचालन पर जगह जगह पाबंदी लगा दी गई थी। रात में भीड़़ कम होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
प्रतिबंधों के चलते आम लोग हुए परेशान
भीड़ के चलते पुलिस ने जगह जगह नाकेबंदी कर दी। कांठ रोड पर छोटे वाहनों और दो पहिया वाहनों के लिए वन वे व्यवस्था लागू कर दी गई थी। इसी प्रकार दिल्ली रोड पर वाहनों को चलने से पुलिस ने रोक दिया था। सख्ती के चलते गलियों से आने वाले बाइक सवार सड़कों पर नहीं चल सके। ऐसे लोगों को बाइक छोड़कर पैदल जाना पड़ा।
सोमवार की सुबह आवागमन होगा सामान्य
एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि सोमवार की सुबह आठ बजे तक डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। भीड़ नहीं होने पर प्रतिबंध हटा लिया जाएगा। संभावना कि सुबह आवागमन सामान्य हो जाएगा। पुलिस ने कांवड़ यात्रा के चलते जिले की सीमाओं पर काफी संख्या में वाहनों को रोका है।
1000 से अधिक भंडारे लगाए गए। दिल्ली हाईवे पर रामपुर और ब्रजघाट तक कांवड़ियों की सुविधा के लिए भंडारों के शिविर लगाए गए हैं। वहीं शहर में दिल्ली रोड पर पाकबड़ा जीरो प्वाइंट से फव्वारा तिराहे और कांठ रोड पर 200 से ज्यादा भंडारे लगाए गए हैं।
- 1000 से अधिक पुलिस कर्मी लगाए गए। तीन एसपी, एक एएसपी, दस सीओ, 20 थाना प्रभारी, पीएसी और आरएएफ जवान तैनात किए गए हैं।
- 02 सुपर जोन, 14 जोन और 32 सेक्टरों में बांटा गया है जिला। इसके अलावा मझोला, सिविल लाइंस, पाकबड़ा, मूंढापांडे, छजलैट और कांठ में कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। पुलिस कर्मियों को कांवड़ियों की पोशाक में भी जगह जगह तैनात किया गया है।
- 500 से ज्यादा कैमरों से कांवड़ यात्रा की हो रही निगरानी। हाईवे पर ये कैमरे चौधरपुर से रामपुर बॉर्डर तक लगाए गए हैं। इसके अलावा कांठ रोड पर भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
- 22 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। दिल्ली रोड और कांठ रोड पर हर पांच किमी की दूरी पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाए गए हैं। जिन पर डॉक्टर और कर्मचारियों की तैनाती गई है। इसके अलावा आठ एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं।