सोमवार को दिल्ली हाईवे पर जाम में फंसे वाहन।
- फोटो : अमर उजाला
लोकोशेड पुल पर सब्जी के ठेले और रेत की गाड़ियां फंस जाने के कारण सोमवार को भीषण जाम लग गया। जिसमें सैकड़ों वाहन फंस गए। दिल्ली रोड से लेकर डबल फाटक तक हजारों की संख्या में वाहन घंटों फंस रहे। जिसमें एंबुलेंस और स्कूली वाहन नहीं निकल पाए।
यातायात व्यवस्था संभालने की बजाए चेकिंग करने में मस्त ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने की याद तब आई। जब वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई। शहर में सोमवार, बुधवार और शनिवार को अक्सर जाम लगता है। जबकि रविवार, मंगलवार और शुक्रवार को जाम से कुछ हद तक राहत मिल जाती है।
ये बात खुद ट्रैफिक पुलिस भी जानती है। ट्रैफिक पुलिस में काफी सिपाही और होमगार्ड हैं। लेकिन ये सभी यातायात व्यवस्था में कम और चेकिंग में कुछ ज्यादा ही व्यस्त रहते हैं। वाहनों की लंबी कतारें लगने के बाद ही पुलिस को जाम खुलवाने की याद आती है। सोमवार को भी ऐसा ही हुआ।
लाइन पार मंडी चौक से सब्जी के ठेले और घोड़ा तांगे व रेता की गाड़ी लोकोशेड से गुजरी। इनकी वजह से जाम लगा गया। मगर उस वक्त तक लोकोशेड पुल पर एक भी सिपाही और होमगार्ड मौजूद नहीं था। जबकि कांशीराम नगर गेट पर दस से ज्यादा पुलिस कर्मी और होमगार्ड वाहन चेकिंग में मस्त थे।
वाहनों की कतारे जब इनके पास तक पहुंच गईं। इसके बाद जाम खुलवाने की याद आई। ऐसा ही हाल कपूर कंपनी पुल का रहा। लाइनपार को जुड़ने वाले एक मात्र पुल पर सोमवार को सैकड़ों बाइकें फंस गई। कपूर कंपनी चौराहे पर जाम लगने के कारण पुल पर ही लोग फंस गई। लाइन पार तक बाइक पहुंच गई।
रेलवे स्टेशन रोड, संभल फाटक और डबल फाटक पुल पर भी घंटों भीषण जाम रहा। एसपी ट्रैफिक शुएब इकबाल ने बताया कि रविवार को छुट्टी थी। सोमवार को सरकारी दफ्तर और स्कूल खुले थे। जिस कारण सड़कों पर ज्यादा वाहन थे। इसी वजह से शहर में कहीं कहीं जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।