दिल्ली रोड से शहर की ओर एंट्री करने वाले एक मात्र पुल लोकोशेड पर लगने वाले जाम की समस्या को दूर करने के लिए अफसरों को अब अपनी जिम्मेदारी का एहसास हो गया है। ‘अमर उजाला’ ने सिस्टम के नकारेपन को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अफसरों ने अधीनस्थों को जमकर फटकार लगाई।
पुल पर लगने वाले जाम को दूर करने के आदेश दिए। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने लोकोशेड पुल पर बेरिकेडिंग लगाकर काफी हद तक जाम की समस्या दूर कर दी है। यातायात भी दौड़ने लगा है।
शहर के सबसे ज्यादा व्यस्तम रहने वाले लोकोशेड पुल पर चौबीस घंटे में चंद घंटे ही ऐसे गुजरते होंगे, जब इस पुल पर जाम न लगता हो। दो थानों के बॉर्डर पर स्थित इस पुल पर लगने वाले जाम को दूर करने के लिए प्लान तो कई बार बनाए गए। लेकिन कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
ट्रैफिक पुलिस के सिपाही और होमगार्डों को यहां तैनात किया गया तो वो भी यातायात चालू कराने की बजाए वाहन चेकिंग में जुट गए। शहर के लिए नासूर बना लोकोशेड पुल के जाम के मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। सिस्टम के नकारेपन को भी सबके सामने रखा।
इसके बाद अफसरों की नींद टूटी। अफसरों ने अधीनस्थों को फटकार लगाई। इसके बाद जाम की समस्या दूर करने का प्रयास किया गया। लोकोशेड पुल पर बेरिकेडिंग लगाकर दो हिस्सों में बांट दिया गया है।