मुरादाबाद। कृषि उत्पादन मंडी समिति में कारोबारियों ने सोमवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर दुकानों के वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की ताकि कारोबार और दुकानों का निर्माण एक साथ हो सके। डीएम ने इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि उत्पादन बड़ी समिति परिसर में 38 दुकानों एवं एक नीलामी चबूतरे के निर्माण के लिए शासन ने धन आवंटित किया है। प्रशासन का कहना है कि जहां दुकानों का निर्माण होना है। वहीं कारोबारी बैठकर कारोबार कर रहे हैं। निर्माण के लिए कारोबारियों को अपनी दुकानें हटानी होंगी। दुकानों के निर्माण के लिए मंडी के उप निदेशक (निर्माण) ने टेंडर की कार्यवाही पूरी कर ली है। इस मामले मेें सोमवार को कारोबारियों ने डीएम अनुज सिंह से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। बताया कि मंडी में करीब 500 दुकानों की आवश्यकता है। वर्तमान समय में मंडी में 258 दुकानें जर्जर अवस्था में हैं। कुछ दुकानें व्यापार के योग्य भी नहीं रह गई हैं। वहीं, मंडी समिति ने 680 थोक कारोबारियों को लाइसेंस दिया है। इसी वजह से मंडी में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हुई है। व्यापारी 30 दुकानों के निर्माण का किसी प्रकार से विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन जिस स्थान पर यह निर्माण प्रस्तावित है। वहीं, लगभग 90 थोक व्यापारी 30-35 वर्षों से निरंतर व्यापार करते आ रहे हैं। एक व्यापारी की पहचान प्रतिष्ठा एवं आजीविका उसके निश्चित व्यापारिक स्थान से जुड़ी होती है। ऐसी स्थिति अचानक विस्थापन से हमारी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है। समस्या के समाधान के लिए प्रशासन को 90 कारोबारियों के लिए मंडी परिसर के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था करना होगा। साथ ही प्रशासन मंडी में पेयजल, लाइट और सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित करे। प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडी नियमावली में यह स्पष्ट प्रावधान है कि परिसर की रिक्त भूमि का आवंटन किसी विशिष्ट व्यक्ति अथवा लाइसेंसी को न होकर सिर्फ सामूहिक उपयोग के लिए किया जा सकता है। 11 माह की अस्थायी अवधि के लिए रिक्त भूमि आरक्षित की जा सकती है। इसके लिए डीएम की संस्तुति आवश्यक होती है। रिक्त भूमि पर कार्यरत लाइसेंसी को नीलामी प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य होता है। डीएम ने इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय को समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी दी है। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
डीएम से मुलाकात करने वालों में फल सब्जी विक्रेता कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह सैनी, महामंत्री
राजकुमार सैनी, उपाध्यक्ष मोनू सैनी, प्रवक्ता विनोद कुमार शर्मा, तीरथ सैनी, विजय मिश्रा, दिनेश आहूजा, सुरेश सैनी, रामलाल, बलवीर सैनी आदि कारोबारी शामिल थे।