मुरादाबाद। कोतवाली क्षेत्र में इंपीरियल तिराहे के पास बुधवार देर रात रोडवेज की बस ने स्कूटी में टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार फर्नीचर कारोबारी अभिनीत सिंह चीमा (33) की मौत हो गई। हादसे के समय वह होटल से खाना लेने जा रहे थे। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
हादसे में जान गंवाने वाले अभिजीत सिंह चीमा का परिवार कटघर के आदर्श नगर में रहता है। उनके पिता जगजीत सिंह चीमा निजी बसों का संचालन करते हैं। परिवार में पत्नी हरदीप कौर और सात माह का एक बेटा सोहान जीत सिंह है। बुधवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे अभिजीत सिंह स्कूटी से रेलवे स्टेशन के सामने होटल से खाना लेने के लिए घर से निकले थे। अभिजीत सिंह की स्कूटी अभी इंपीरियल तिराहे के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रही अमरोहा डिपो की रोडवेज की बस ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में अभिजीत सिंह बुरी तरह घायल हो गए। मौके पर जुटे लोगों ने बस का नंबर नोट कर लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल भिजवा दिया। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, यहां उपचार के दौरान कारोबारी की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक बस लेकर मौके से भाग गया।
कोतवाली प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने बस का नंबर नोट कर लिया था। उसी नंबर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। बस चालक की तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।
पंजाब गई हैं मां
हादसे में जान गंवाने वाले कारोबारी अभिजीत सिंह अपने मां-बाप की इकलौती संतान थे। उनके रिश्तेदार पंजाब में रहते हैं। वहां किसी रिश्तेदार का देहांत हो गया था। बताया जा रहा है कि अभिजीत की मां मनेंदर कौर पंजाब गई थीं। पत्नी को सात माह पहले ही बेटा हुआ था। कारोबारी ने रात में पत्नी को कोई परेशान न हो, इसलिए वह होटल से खाना लेने जा रहे थे।
टक्कर लगने से फट गया था लिवर
चचेरे भाई करन सिंह चीमा ने बताया कि हादसे के समय भाई अभिजीत सिंह ने हेलमेट पहन रखा था। बृहस्पतिवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि टक्कर लगने से उनका लिवर फट गया था। इसके अलावा उनकी पीठ में चोट लगी थी।
शहर में बसों के संचालन पर रोक लगाने की चर्चा मीटिंग तक सिमटी
कांठ रोड और दिल्ली रोड पर जाने वाली रोडवेज की बसों का संचालन शहर से किया जाता है। जिस कारण अक्सर जाम लग जाता है। भीड़ भाड़ अधिक होने की वजह से दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। इस हादसे में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी हैं। यातायात, नगर निगम, परिवहन विभाग और रोडवेज निगम के अफसरों की कई बार मीटिंग भी हुई, जिसमें चर्चा होती है कि बसों का संचालन शहर के बाहर किया जाएगा। इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जाती है लेकिन इसके बाद सभी अधिकारी भूल जाते हैं।
रेलवे स्टेशन रोड पर भीड़ भाड़ अधिक रहती है। जिस कारण यहां जाम लगने और हादसे की संभावना अधिक रहती है। इस रोड से रोडवेज की बसों के संचालन पर रोक के लिए योजना बनाई जा रही है। बसों को शहर से बाहर रोका जाएगा। सभी विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई थी। आगे भी इस पर मीटिंग कर कुछ निर्णय निकाला जाएगा।
अशोक कुमार सिंह, एसपी यातायात