कांठ। सावन के पहले सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए देवनगरी हरिद्वार से कांवड़ में पवित्र गंगाजल लेकर रविवार को हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों संग कांवड़िये अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे। जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।
रविवार को पूरे दिन कांवड़ियों की वापसी होती रही। कोई ढोल की थाप पर भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए जाता दिखाई दिया तो कोई डीजे व धार्मिक भजनों पर झूम रहा था। इससे कांठ का वातावरण पूरी तरह से शिवभक्ति में सराबोर हो गया है। सावन माह के पहले सोमवार को शिवभक्तों द्वारा महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा।
सावन के पहले सोमवार को महादेव का जलाभिषेक करने के लिए शनिवार को हरिद्वार से लौटने वालों में डाक कांवड़ियों की संख्या अधिक रही। बरेली, रामपुर, शाहबाद, बिलासपुर, बिलारी, कुंदरकी, संभल, चंदौसी आदि के डाक कांवड़िये हाथ में पवित्र गंगाजल लेकर दौड़ते हुए अपनी मंजिल की ओर जाते दिखाई दिए। संवाद