सिविल लाइन क्षेत्र में विघुत केंद्रों का निरीक्षण करते एसपी सिटी।
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मुरादाबाद। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में आज (सोमवार) को बिजली कर्मचारी और अधिकारी कार्य बहिष्कार कर मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना देंगे। जहां निजीकरण के इस प्रस्ताव पर विरोध जताएंगे। हालांकि इस दौरान बिजली व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहेगी। फाल्ट आने पर ग्राहकों के सामने दिक्कत आ सकती है।
बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज एंड इंजिनियर्स, एनसीसीओईईई की 27 सितंबर को हुई ऑनलाइन बैठक में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे संघर्ष में उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के साथ रहने का निर्णय लिया गया था। साथ ही यह भी निर्णय लिया कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों को गिरफ्तार किया गया और दमन किया गया तो देश के अन्य प्रांतों के बिजली कर्मी मूकदर्शक नहीं रहेंगे और उत्तर प्रदेश के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि समिति द्वारा सरकार और प्रबंधन को नोटिस भेजा गया था। कहा गया था कि यदि निजीकरण का प्रस्ताव निरस्त न किया गया तो पांच अक्तूूबर से बिजली कर्मी पूरे दिन का कार्य बहिष्कार करेंगे। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किसी भी प्रकार से प्रदेश व आम जनता के हित में नहीं है।