मुरादाबाद। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को पंचायत भवन सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने देश के लिए कुर्बानी देने वाले अमर बलिदानियों को याद किया। अपनी रचनाओं से माहाैल देशभक्तिपूर्ण बना दिया। कवि-कवयित्रियों की रचनाओं पर जमकर तालियां बजीं।
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह और डीएम अनुज सिंह ने दीप जलाकर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। कवि सम्मलेन में पहुंचे कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिये गणतंत्र दिवस के बारे में बताया। कवि विष्णु सक्सेना ने सुनाया जिनकी वजह से आती दीपावली-ईद है, यह निगाहें भी उन्हीं की मुरीद हैं। मेरे तमाम गीत आज उनके नाम हैं, जो सरहद पर जाकर हुए शहीद हैं। उन्होंने गरीबी, शिक्षा और देश की संस्कृति सभ्यता पर भी रचनाएं सुनाईं। दिल को छू जाने वाली कविताओं को सुनकर श्रोता तालियां बजाने को मजबूर हो गए।
कवयित्री कविता तिवारी ने बेटियों पर कई कविताएं सुनाईं। उन्होंने बेटियां घर की रौनक होती हैं, जो आज के दौर में अबला बनकर उभर रही हैं सुनाया। कवि सर्वेश अस्थाना ने भारत देश की संस्कृति पर अपनी कविताएं सुनाईं। उन्होंने कहा भारत की सीमाओं पर खड़े सैनिक ही देश के असली रक्षक हैं, जिनकी वजह से देशवासी सुकून से रहते हैं। इसके अलावा आधुनिकता के दौर में बदल रहे संस्कारों पर कविता सुनाई।
इनके अलावा मंसूर उस्मानी, मनु वैशाली, श्वेता सिंह समेत कई कवियों व शायरों ने रचनाएं पढ़ीं। इस दौरान टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, एमएलसी डाॅ. जयपाल सिंह व्यस्त, सीडीओ सुमित यादव, एडीएम गुलाब चंद, एसपी सिटी रणविजय सिंह, नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल, एमडीए वीसी शैलेष कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी व बड़ी संख्या में स्रोता उपस्थित रहे।