मदरसा आलिया (राजकीय ओरिएंटल कॉलेज) से गायब किताबों की तलाश में जौहर यूनिवर्सिटी में पुलिस की छापेमारी बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। पुलिस ने वहां से और किताबें बरामद की हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी कैंपस में शेरों की दो प्रतिमाएं भी मिली हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसे रामपुर क्लब से उठाकर लाया गया था।
सपा की सरकार में रामपुर क्लब को तुड़वा कर निरीक्षण भवन बनवा दिया गया था। शेरों की प्रतिमा गायब होने के संबंध में पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां और भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने पुलिस से शिकायत की थी। इसके अलावा यूनिवर्सिटी की एक बिल्डिंग के ताले तोड़ने के प्रयास किए गए हैं। यह तलाशी अभियान अभी जारी रहेगा।
मदरसा आलिया रामपुर रियासत का पहला कालेज था। विश्व विख्यात इस कॉलेज को 1774 में स्थापित किया गया था। उत्तर प्रदेश की राजनाथ सिंह की सरकार ने इसे अरबी, फारसी विश्वविद्यालय की मान्यता दी थी, जिसके लिए तब एक करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी की गई थी। यहां कई पांडुलिपियां एवं बहुमूल्य किताबें भी मौजूद थीं, लेकिन गुजरते दिनों के साथ विश्वविद्यालय अपना अस्तित्व खोता गया। सपा सरकार में विश्वविद्यालय को जौहर ट्रस्ट को लीज पर दे दिया गया था, जिसके बाद यहां रामपुर पब्लिक स्कूल का संचालन होने लगा।
तब तंजीमे अवाम ए अहले सुन्नत, मदरसा आलिया बचाओ संघर्ष समिति एवं पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने मदरसे को गलत तरीके से बंद करने समेत यहां मौजूद अरबी फारसी पांडुलिपियों के चोरी होने की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जांच कराई, जिसके बाद विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य की ओर से किताबें चोरी होने को लेकर अज्ञात के खिलाफ थाना गंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इसके बाद मंगलवार से पुलिस ने यूनिवर्सिटी में छापेमारी शुरू की, जहां पहले दिन ही करीब दो हजार किताबें बरामद की गईं। ये किताबें जौहर यूनिवर्सिटी की मुमताज सेंट्रल लाइब्रेरी में मौजूद थीं। मंगलवार को भी पुलिस की यह छापेमारी जारी रही, जिसके बाद पुलिस को यहां कुछ और किताबें भी मिलीं हैं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदम्बा प्रसाद गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट सर्वेश बहादुर गुप्ता, उप जिलाधिकारी सदर प्रेम प्रकाश तिवारी भी मौजूद रहे।
अब तक बरामद किताबों की तादाद करीब तीन हजार पहुंच चुकी है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी से दो शेरों की प्रतिमाएं भी बरामद की गईं हैं। ये प्रतिमाएं रामपुर क्लब की बताई जा रही हैं। सपा सरकार में इसे तोड़कर ट्रांजिट हॉस्टल बनाया गया था। पूर्व मंत्री नवेद मियां ने शिकायत भी की थी कि यहां लगी शेरों की दो प्रतिमाएं जौहर यूनिवर्सिटी ले जाई गईं हैं।
दिनभर छापेमारी का सिलसिला जारी रहा। कई इमारतों के ताले भी खुलवाए, जबकि कुछ इमारतों के ताले कटवाने के लिए कटर मंगाए गए हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि गुरुवार को भी तलाशी जारी रह सकती है। इस बीच यूनिवर्सिटी के बाहर और भीतर बड़ी तादाद में पुलिस और पीएसी मौजूद रही।