मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मायावती के शासन काल में चीनी मिलों की बिक्री के घोटालों की जांच कराने के आदेश दिए तो मुरादाबाद मंडल में भी फाइलें पलटनी शुरू हो गई हैं। मुरादाबाद मंडल की तीन चीनी मिलों को मायावती शासन काल में बेचा गया था। ये सभी चीनी मिल वेव ग्रुप ने खरीदीं थीं।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासन काल के दौरान वर्ष 2010-11 में प्रदेश की 21 चीनी मिलों को लगभग 1100 करोड़ रुपये में बेचा गया था। 21 चीनी मिलों में मुरादाबाद मंडल की 3 तीन चीनी मिल वेव ग्रुप ने खरीदी थीं। ये शुगर मिल बिजनौर, चांदपुर और अमरोहा में हैं।
बिजनौर और चांदपुर की मिल तो शुरू कर दी गई थीं। लेकिन अमरोहा की शुगर मिल वर्षों से बंद पड़ी है। बताया जा रहा है कि इस सत्र से शुगर मिल में पैराई शुरू की जाएगी। सीएम योगी आदित्य नाथ ने वर्षों पहले औने पौने दामों में बेची गई इन शुगर मिलों की बिक्री में हुए घोटालों की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
मुरादाबाद मंडल में भी पुरानी फाइलें पलटनी शुरू हो गई हैं। पुराने रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। किस मिल को कितने दामों में बेचा गया था। साथ ही ये भी सूची तैयार की जा रही है कि 2010-11 में किन किन अफसरों की तैनाती रही है। उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि मुरादाबाद मंडल की तीन चीनी मिल बेची गई थी। शासन स्तर से ही जांच की जा रही है।