फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: तीन छात्राओं ने शुरू किया पीवाई-कोडर्स क्लब

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद।राजकीय महिला पॉलीटेक्निक की तीन छात्राओं ने तकनीक की दुनिया में आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है। छात्राओं ने मिलकर पीवाई-कोडर्स क्लब की शुरुआत की है, जो पूरी तरह से एक प्रोग्रामिंग हॉबी क्लब है। इस क्लब के जरिये वे न सिर्फ खुद सीख रही हैं, बल्कि जिले के अन्य छात्रों को भी कोडिंग की दुनिया में आगे बढ़ा रही हैं।
विज्ञापन


क्लब की संस्थापक छात्राओं में अनुश्री मिश्रा, छवि शर्मा, श्रुतिका शुक्ला शामिल रहीं। अनुश्री ने बताया कि अब तीन समूहों में नौ छात्राएं जुड़ गई हैं। उन्होंने बताया कि आज के दौर में पायथन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे ज्यादा डिमांड में है, लेकिन छोटे शहरों के छात्रों को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। इसी कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने यह क्लब बनाया है। इसका उद्देश्य कोडिंग के प्रति उत्साही लोगों को पायथन प्रोग्रामिंग बेसिक से एडवांस लेवल तक सिखाना और उसे प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स में लागू करना है। क्लब की सबसे बड़ी खासियत है कि इसकी पढ़ाई पूरी तरह डिजिटल और फ्री है। सभी लाइव व्याख्यान और इंटरेक्टिव सत्र यूट्यूब पर संचालित किए जाते हैं।
छात्राओं ने बताया कि क्लास से पहले व्हाट्सएप ग्रुप और कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर यूट्यूब लाइव का लिंक साझा किया जाता है, ताकि कोई भी छात्र अपनी सुविधा से जुड़कर स्टेप-बाय-स्टेप कॉन्सेप्ट सीख सके। लाइव के बाद वीडियो चैनल पर सेव रहते हैं, जिससे छात्र दोबारा रिवीजन कर सकते हैं। इस क्लब में पायथन बेसिक से एडवांस, वेब एवं एप्लीकेशन डेवलपमेंट, आईओटी एप्लीकेशन, डेटा मैनेजमेंट और एनालिसिस, एआई-आधारित एप्लीकेशन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है। छात्राओं का कहना है कि उनका लक्ष्य किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज देना है। शिक्षिका मेनका सिंह ने बताया कि क्लब का नारा है पायथन सीखें, एआई का अन्वेषण करें, भविष्य का निर्माण करें।
विज्ञापन


वर्जन...

पहले दो लेक्चर के ट्रायल अपने राजकीय महिला पॉलीटेक्निक में किया था। तीसरे लेक्चर में पूरे प्रदेश को कवर किया था। उसमें करीब एक हजार से अधिक छात्राएं जुड़ी थीं। यह लाइव क्लास साप्ताहिक होती है। एक बार में तीन छात्राएं क्लास लेतीं हैं। मैं तीन बार क्लास ले चुकी हूं। पहले वर्ष की ट्रेनिंग की पायथन की पढ़ाई मेरी इसमें काम आई थी। खुद भी सीखी और दूसरे को भी सिखाया। लाइव क्लास एक घंटे की होती है लेकिन उस प्रस्तुतिकरण को तैयार करने से लेकर वीडियो को अंतिम रूप देने तक में एक सप्ताह का समय लग जाता है। -अनुश्री मिश्रा, छात्रा, तीसरा वर्ष
-

अब तक मैं दो लेक्चर ले चुकी हूं। मेरा अनुभव बहुत अच्छा था। मुझे महसूस हुआ कि जो हम पढ़ रहे हैं, उसे दूसरों को पढ़ाकर उन्हें समझा सकते हैं। लाइव क्लास में दूसरी संस्थाओं के बच्चे शामिल हुए थे। क्लास से पांच दिन पहले लिंक भेज देते हैं। इसमें सवाल-जवाब भी होते हैं। विद्यार्थी अपने सवाल कमेंट बॉक्स में भेजते हैं, उनको पढ़कर हम उनके जवाब देते हैं।-सुप्रिया, छात्रा तीसरा सेमेस्टर
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें