मुरादाबाद। उत्तराखंड के पैगा गांव के पास तालाब में नहाते समय तीन बच्चे डूब गए। अन्य बच्चों के शोर मचाने पर लोग मौके पर पहंचे और तीनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो बच्चों की मौत हो चुकी थी। मरने वाले बच्चों में एक भोजपुर और दूसरा भगतपुर थानाक्षेत्र का निवासी है।
भगतपुर थानाक्षेत्र के अलीगंज बढ़ानपुर निवासी नामे अली पैगा में एक रिजॉर्ट ठेके पर ले रखा है। नामे अली ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ पैगा गांव में रहते हैं। जबकि भोजपुर निवासी राजेश भी अपने परिवार के साथ पैगा गांव में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। सोमवार दोपहर नामे अली का बारह वर्षीय बेटा आसिफ और राजेश का ग्यारह वर्षीय बेटा रोबिन गांव के पास तालाब में नहाने गए थे। इन दोनों बच्चों के साथ अन्य बच्चे भी थे। दोनों बच्चे नहाते समय डूब गए। आसिफ का भाई शाकिब उसे बचाने के लिए तालाब में कूद गया। इसके बाद अन्य बच्चे सड़क पर पहुंच गए और उन्होंने शोर मचा दिया। इसके बाद लोग तालाब पर पहुंचे और उन्होंने शाकिब को बचा लिया। इसके बाद आसिफ और रोबिन की तलाश की गई। वे पानी में उतराते मिले। दोनों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां इमरजेंसी में तैनात डॉ. मोनिका, डॉ. राजीव चौहान और डॉ. कमलजीत ने बच्चों की जांच कर उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चाें के शव बिना पोस्टमार्टम के ही उनके परिजन अपने मूल गांव ले आए थे।
फफक कर रोेए बच्चे
भगतपुर निवासी रामे अली का एक मकान बढ़ानपुर में है तो दूसरा पैगा में। परिवार के लोग कभी यहां तो कभी वहां रहते थे। नामे पैदा में ही एक मैरिज हाल में काम करता था। ऐसे में वह अपनी पत्नी सहाना के अलावा परिवार में उसका बेटा मोहम्मद आलम, मोहम्मद आसिफ, साकिब, बेटी अरमाना के साथ काफी दिन से वहीं रह रहा था। सोमवार को आसिफ का शव गांव में लाया गया तो मातम छा गया। मां के घर के बच्चों का हाल सबसे ज्यादा बुरा था। यहीं शाम को उसे सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
चार साल पहले काम की तलाश में पैगा गए थे
चार साल पहले भोजपुर निवासी राजेश काम की तलाश में पैगा गए थे और वहां अच्छा काम भी मिला। अब वह एक फैक्टरी में ठेकेदारी कर रहे थे।
उसकी पत्नी अंतेश देवी, बेटी गरिमा व सिमन, बेटा ऋषभ व रॉबिन पूरा परिवार वहीं था। सोमवार को रॉबिन की तालाब में डूबने से मौत हो गई। उसका शव गांव में लाया गया तो यहां भी मातम छा गया। रॉबिन कक्षा चार का होनहार छात्र था।
मनरेगा में खोदा गया था तालाब
काशीपुर। मनरेगा के जिस तालाब में दोनों बालकों की मौत हुई वह मनरेगा के तहत खोदा गया था। उसमें काफी पानी था। बालक गहराई की तरफ चले गए और डूब गए। इस घटना के बाद से जहां बच्चों में दहशत है तो वहीं परिजन भयभीत हैं।