दिल्ली, एनसीआर और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कारों की चोरी करने वाले गिरोह को एसओजी और सिविल लाइंस पुलिस ने पकड़ा है। यह गिरोह स्क्रैप कारोबार की आड़ में वाहन चोर गिरोह चला रहा था। पकड़े गए आरोपियों में बरेली और मुरादाबाद निवासी हैं। इनके पास से चोरी की चार कार भी बरामद की गई हैं। इस गिरोह के दो सदस्य दिल्ली के रहने वाले हैं। जिनकी तलाश में एसओजी लगी है।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि एसओजी और सिविल लाइंस पुलिस की संयुक्त टीम ने सिविल लाइंस के बिशनपुर भीमाठेर निवासी आरिफ हुसैन और बरेली जनपद के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव धंतिया निवासी सतीश कुमार गंगवार और बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के कर्मचारी नगर निवासी भारत सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी की कार में घूम रहे थे। इनकी निशानदेही पर चार कारें बरामद की गई हैं। इनमें एक विआरा ब्रेजा, एक स्विफ्ट वीडीआई, एक स्विफ्ट डिजायर और एक टीयूवी है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सतीश कुमार गंगवार और आरिफ इस गिरोह के मास्टर माइंड हैं। इस गिरोह में दो अन्य आरोपी अलीगढ़ के मंडी निवासी प्रमोद और दिल्ली पीरागढ़ी निवासी सतीश भी शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्य दिल्ली, नोएडा समेत एनसीआर क्षेत्र से गाड़ियों की चोरी करते हैं। इसके बाद उन गाड़ियों को सतीश व प्रमोद के पास ले जाया जाता है। दोनों उसका इंजन और चेचिस नंबर घिस कर उस पर फर्जी नंबर डालते हैं। इसके अलावा फर्जी कागजात भी बनवा कर देते थे। मंगलवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
पुरानी गाड़ियों के चेचिस नंबर का करते थे चोरी की गाड़ियों में इस्तेमाल
मुरादाबाद। गिरोह में मुरादाबाद, बरेली, दिल्ली और अलीगढ़ के चोर शामिल हैं। आरोपी पुरानी कारों को कबाड़ में कटवाने के लिए खरीदते थे। इन कारों को कटवा भी देते थे लेकिन उसी का चेचिस और इंजन नंबर चोरी की कार पर डलवाते थे। साथ ही रजिस्ट्रेशन नंबर भी उसी कार का प्रयोग करते थे ताकि चोरी की कार को सस्ते दामों पर आसानी से बेचा जा सके।