ईदगाह में सुबह छह बजे से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ नए कपड़ों में ईदगाह की ओर पहुंचने लगे। साढ़े छह बजे तक ईदगाह का बड़ा हिस्सा भर चुका था और सात बजते-बजते पूरा मैदान नमाजियों से खचाखच भर गया। फिर भी लोगों का आना जारी रहा और पूरा माहौल इबादत से सराबोर हो गया।
साढ़े सात बजे नायब इमाम मुफ्ती फहद अली नमाज अदा करवाई। उन्होंने अपने खुतबे में कुर्बानी के असली मायने बताए। नमाज के बाद इमाम ने मुल्क में अमन, भाईचारा, इंसानियत और तरक्की के लिए विशेष दुआ कराई।
लगातार गश्त करती रही पुलिस
ईदगाह के अलावा शहर की विभिन्न मस्जिदों में भी ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। हर जगह सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। पुलिस लगातार गश्त करती रही और ड्रोन से निगरानी की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और घरों की ओर रवाना हुए ताकि कुर्बानी का फर्ज अदा किया जा सके।