मुरादाबाद। एमएसएमई के तहत ब्याज मुक्त ऋण का लाभ लेने में जिले के लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। बैंकों ने बीते साल के मुकाबले इस साल अभी तक ग्राहकों को 200 करोड़ रुपये से अधिक ऋण दिया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए ऋण की जरूरत होने पर लोगों ने बैंकों से तीन साल के दौरान 22,508 करोड़ रुपये का लोन लिया है। एमएसएमई के तहत उद्यम के लिए लोगों को ब्याज मुक्त ऋण मिल जाता है। एमएसएमई के तहत 10 लाख रुपये तक का ऋण आसानी से मिल जाता है। इसके कारण जिले के लोग व्यवसाय करने के लिए एमएसएमई के तहत ऋण का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
मुरादाबाद जिले में 31 बैंकों की 248 शाखाओं में 45 लाख से अधिक खाताधारक हैं। पीएनबी, एसबीआई, केनरा, प्रथमा समेत अन्य बैंकों से एमएसएमई के तहत ऋण दिया जा रहा है। बैंकों ने वर्ष 2023-24 में 6767 करोड़ रुपये का ऋण दिया। वर्ष 2024-2025 में 7762 करोड़ रुपये का ऋण दिया।
वहीं वर्ष 2025-2026 में 7979 करोड़ रुपये का ऋण दिया। ढाई साल में बैंकों ने 1,221 करोड़ रुपये का अधिक ऋण दिया। एमएसएमई के तहत पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक बैंकों ने 217 करोड़ रुपये अधिक ऋण दिया है।
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने अन्य बैंकों की तुलना में दिया अधिक ऋण
सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत जिले के 1100 लोगों को 55 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है। इसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने 250 लोगों को 12 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया है। वहीं अन्य बैंकों ने 850 लोगों को ऋण दिया है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 2900 लोगों को लोन देने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम युवा उद्यमी योजना के युवाओं को पांच लाख तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण दिया जाता है। इस पर 10 प्रतिशत अनुदान भी मिलेगा। आवेदन स्वीकृत होने के बाद 20 दिनों में बैंक से ऋण स्वीकृत हो जाता है। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, आवेदक वेबसाइट https://msme.cyuva.org.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
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वर्जन
- जिले के लोग ब्याज मुक्त ऋण का लाभ उठा रहे हैं। जिस तरह से लोग ऋण के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसे देखते हुए वित्त वर्ष 2025-2026 के अंत तक एमएसएमई के तहत पिछली बार के मुकाबले एक हजार करोड़ रुपये ऋण अधिक दिए जाने का अनुमान है।- पंकज शरन, एलडीएम, मुरादाबाद
- बीमा, ब्याज समेत अन्य सुविधाओं की वजह से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले यूनिट में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए हर साल ऋण में बढ़ोतरी हो रही है।- योगेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, उद्योग