कांठ। चिटफंड कंपनी में पार्टनर बनाने के नाम पर एक व्यक्ति से 48 लाख रुपये हड़प लिए। इस मामले में पीड़ित ने दस नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और बंधक बनाकर रखने के आरोप लगाए गए हैं। छजलैट थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र आशियाना कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में छजलैट के संजरपुर निवासी राजेंद्र सिंह यादव, उसके भाई अजब सिंह, अमरोहा के गजाना निवासी जय कुमार, अमरोहा के नौगांवा सादात के बस्तापुर निवासी संजीव कुमार, मुरादाबाद के श्रीराम विहार कॉलोनी निवासी प्रवीण कुमार, मझोला के नया मुरादाबाद सेक्टर 13 निवासी धर्मेंद्र मोहन शर्मा ने जन लाभ निधि लिमिटेड नाम से चिटफंड कंपनी बनाई थी। आरोपियों ने राजवीर सिंह के सामने भी इस कंपनी में काम करने का प्रस्ताव रखा था। कंपनी राजेंद्र सिंह यादव डायरेक्टर बनाया गया था। राजवीर का आरोप है कि कंपनी में तीनों डायरेक्टरों ने एफडी, आरडी और बचत खाते में अलग-अलग तिथियों में 38 लाख रुपये कंपनी अकाउंट में डलवा दिए। इसके अलावा दस लाख रुपये कंपनी को चलाने के लिए नकद ले लिए।
आरोप है कि राजेंद्र सिंह यादव, अजब सिंह यादव, जय कुमार सिंह समेत उससे रंजिश रखते हुए गाली-गलौज कर मारपीट की। 17 अगस्त 2019 को उसने अपना इस्तीफा कंपनी को ऑनलाइन भेज दिया। जिसे स्वीकार भी कर लिया गया। इसके बाद जयकुमार और संजीव कुमार ने कंपनी के बैंक खाते में उसका संचालन खत्म कराकर अजब सिंह को इस खाते को चलाने के लिए नामित करा दिया था। आरोप है कि कंपनी से अलग होने के बाद जब उसने अपनी लगाई रकम मांगी तो इन्होंने देने से मना कर दिया। एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दस नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।