बिलारी। शनिवार सुबह ईद की नमाज के दौरान ईदगाह में चंदे के लिए तकरीर करने को लेकर उलमा से जुड़े दो पक्षों में हुई खींचतान मामले में रविवार दोपहर दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर देकर अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाया।
आरोप है कि ईद की नमाज पढ़े जाने से पहले ईदगाह कमेटी की ओर से ईदगाह परिसर में निर्माण कार्य के लिए चंदा किया जा रहा था। ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष ने संरक्षक और नगर के एक आलिम को चंदा करने हेतु नमाजियों से आह्वान करने को कहा। तभी नगर के एक अन्य आलिम ने उनका विरोध शुरू कर दिया, कहा कि ईदगाह पर ईद की नमाज पढ़ाने वाले जामा मस्जिद के इमाम को छोड़कर अन्य कोई आलिम तकरीर नहीं करेगा। इसी बात को लेकर धक्कामुक्की, शोर शराबा और आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए। कई नमाजियों ने इस घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
रविवार दोपहर एक पक्ष से कारी मुजीबुर्रहमान, कारी हबीबुर्रहमान, कारी मोहम्मद रईस अशरफी और मौलाना रफीक अहमद ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में दूसरे पक्ष पर गाली देने और मारपीट कर अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए।
उधर, ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी रफी राजू व कमेटी संरक्षक मौलाना हसन रजा ने भी अभद्रता करने, माइक छीनने और धमकी देने के आरोप में पुलिस को तहरीर दी है। थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझाया। सहमति बनी कि आगामी ईदुल जुहा की नमाज के दौरान जामा मस्जिद के इमाम ही तकरीर करेंगे।
इस मामले में थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस के समझाने के बाद भी दोनों पक्ष नहीं मान रहे हैं। इस मुद्दे पर नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के चिन्हित लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए एसडीएम न्यायालय में शीघ्र ही चालानी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शहर इमाम बनने के लिए एक आलिम के नाम पर सहमति नहीं
रविवार दोपहर जब थाना प्रभारी दोनों पक्षों से वार्ता कर रहे थे, तब एक पक्ष के आलिम ने थाना प्रभारी से बताया कि विवाद की जड़ शहर इमाम बनने को लेकर है। बिलारी के शहर इमाम रहे मौलाना सदाकत हुसैन का 23 मई 2023 को इंतकाल हो गया था। तभी से नगर के उलमा में शहर इमाम बनने को लेकर कशीदगी बनी हुई है। यह मामला अहले सुन्नत बरेली मरकज तक भी पहुंचा, लेकिन तीन साल बाद भी शहर इमाम बनने के लिए किसी एक आलिम के नाम पर नगर के उलमा में सहमति नहीं बन पाई है।