मुरादाबाद में हनुमान मूर्ति पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने चंदौसी के तहसीलदार की गाड़ी पकड़ ली। पुलिस का कहना था कि वाहन में लगा हूटर अवैध है। इस मामले में चालान करने की जानकारी मिलने पर मंडलायुक्त ने पुलिस अधिकारियों पर नाराजगी जताई। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी को छोड़ दिया।
चंदौसी के तहसीलदार अनुबंधित गाड़ी को लेकर मंडलायुक्त की बैठक में भाग लेने के लिए आ रहे थे। इस बीच हनुमानमूर्ति पुल के समीप तैनात पुलिस ने तहसीलदार की गाड़ी रोक लगी। पुलिस का आरोप था कि कोई प्राइवेट गाड़ी में हूटर या लाल नीली बत्ती लगाकर नहीं चल सकता है।
तहसीलदार की गाड़ी का पुलिस ने चालान किया। इस मामले की जानकारी तहसीलदार ने मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह को दी। मंडलायुक्त ने पुलिस अधिकारियों पर नाराजगी जताई। बताया कि यदि किसी अधिकारी के पास सरकारी वाहन नहीं है तो शासन के निर्देशानुसार वह अनुबंधित वाहन से ही चलेगा।
इस प्रकार पुलिस को सरकारी अधिकारियों के खिलाफ रवैया अपनाना ठीक नहीं है। इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मी ने गाड़ी छोड़ दी। पुलिस कार्रवाई के कारण बैठक में आए अधिकारी मंडलायुक्त से पुलिस की शिकायत करने लगे।
मंडलायुक्त ने इस मामले में पुलिस को आपसी सामंजस्य के साथ कार्य करने के निर्देश दिए बताया कि ऐसी कार्रवाई करने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच मतभेद बढ़ सकता है।