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विकास के नक्शे से दरियापुर गांव गायब: भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद ने लिया था गोद, मार्ग के लिए भटक रहे लोग

Sat, 29 Jul 2023 11:23 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सय्यद जफर इस्लाम ने दरियापुर को गोद लिया था, लेकिन वह भी गांव को रास्ता नहीं दिला पाए हैं। दरियापुर गांव की आबादी करीब 3,500 है। गांव के 1,200 से अधिक मतदाता हर चुनाव में वोट करते हैं, लेकिन देश की आजादी के 76 वर्ष बाद भी इस गांव को किसी ओर से भी मुख्य मार्ग से नहीं जोड़ा गया है।
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मार्ग न होने की वजह से ग्रामीणों को करना पड़ रहा परेशानी का सामना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक ओर जहां सरकार गांवों के विकास पर जोर दे रही है। इसके लिए करोड़ों खर्च कर रही है, तो वहीं मुरादाबाद कांठ विधानसभा के गांव दरियापुर आज तक किसी भी ओर से मुख्य मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। गांव को आने जाने के लिए दूसरे जिले बिजनौर के क्षेत्र से होकर जाया जाता है। आजादी के बाद से आज तक यह गांव मार्ग और पुल से नहीं जुड़ सका है।

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दरियापुर गांव की आबादी करीब 3500 है। गांव के 1200 से अधिक मतदाता हर चुनाव में वोट करते हैं, लेकिन देश की आजादी के 76 वर्ष बाद भी इस गांव को किसी ओर से भी मुख्य मार्ग से नहीं जोड़ा गया है। गांव के लिए पक्का मार्ग न होने से जहां ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, तो वहीं गांव विकास में भी पिछड़ा है।

ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रवक्ता सय्यद जफर इस्लाम ने दरियापुर को गोद लिया था, लेकिन वह भी गांव को रास्ता नहीं दिला पाए हैं। कांठ से गांव के लिए जाने पर रामगंगा नदी बीच में पड़ती है। बरसात के दिनों में गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर जाता है। जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी होती है। यदि गांव में कोई इमरजेंसी हो जाए तो गांव में एम्बुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड तक नहीं पहुंच सकती है। दरियापुर को आने जाने के लिए बिजनौर जिले के स्योहारा होते हुए भगवानपुर रैनी से जाना पड़ता है, जिसमें समय की भी बर्बादी होती है।

लोनिवि ने भेजा दस करोड़ का प्रस्ताव शासन में लटका
तहसील क्षेत्र के गांव दरियापुर को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सडक और रामगंगा नदी में पुल निर्माण के लिए लोग निर्माण विभाग ने कई माह पहले शासन को करीब 10 करोड़ रुपये का प्रस्ताव ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए भेजा था, लेकिन प्रस्ताव भी शासन स्तर पर लटका हुआ है। प्रस्ताव में गांव दरियापुर के लिए 4.550 किलोमीटर मार्ग और रामगंगा पर 58.120 मीटर पुल शामिल है, लेकिन कई माह के बाद भी अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।

दरियापुर के लिए कहीं से भी पक्का मार्ग नहीं है। या तो ग्रामीण घने वन से होकर जान हथैली पर रखकर आते जाते हैं या फिर कच्चे मार्ग के माध्यम से गुजरते हैं। रामगंगा पर पुल न होने से ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ता है। मांग को पूरा कराने के लिए सालों से दौड़ रहे हैं। -अमीचंद्र सिंह, ग्रामीण दरियापुर, कांठ

गांव चारों ओर से रामगंगा नदी से घिरा है। बारिश के मौसम में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं व स्कूली बच्चों को होती है। कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन मार्ग व पुल नहीं बन पाया है। मार्ग न होने से गर्भवती महिलाओं और रोगियों को लाने ले जाने में परेशानी होती है। -ऋषिपाल सिंह, ग्रामीण दरियापुर, कांठ
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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से मिले दरियापुर के ग्रामीण
गांव दरियापुर के लिए मार्ग और नदी पर पुल की मांग को लेकर ग्रामीण अमीचंद्र सिंह के साथ ग्रामीण भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह से मिले और उनके समक्ष समस्या को रखा है। जिस पर प्रदेशाध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग के मंत्री जतिन प्रसाद से भी फोन पर बात कर समस्या का समाधान कराने के लिए कहा है।

दरियापुर गांव की समस्या के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इस बारे में संबंधित अधिकारी से जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी। - शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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