अमरोहा। जनपद में शहर से लेकर गांव तक बदहाली का आलम है। मजरों की स्थिति और भी ज्यादा खराब है। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं देने की बात तो छोड़िए उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। सुविधाएं कोसों दूर है, ग्रामीण नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। टूटी सड़कों पर कीचड़ और जलभराव इसकी गवाही दे रहा है।
सालों से सड़कों का निर्माण करना तो दूर साफ सफाई भी नहीं कराई गई। इन मुख्य मार्गों पर रोजाना ग्रामीणों का आवागमन होता है। ऐसा नहीं है कि इन सड़कों पर अफसर नहीं जाते लेकिन वह देखकर अनजान बने हुए हैं। ग्रामीण ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक के अधिकारियों से शिकायत भी करते हैं तो कोई सुनवाई नहीं होती।
बृहस्पतिवार को जोया ब्लाक क्षेत्र के कटाई फराशपुरा मजरा की स्थिति भी बदहाल मिली। सड़कों पर कीचड़ और जलभराव से लोग निकलने को मजबूर हैं। भले ही प्रशासन सरोवर में पानी इकट्ठा नहीं कर सका, लेकिन सड़कों की स्थिति तालाब के जैसी बनी हुई है। फराशपुरा गांव के भीतर भी सफाई व्यवस्था ठप है। ज्यादातर गांव में पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। घरों से निकलने वाला पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। सड़कें और नालियां टूटी होने के कारण पानी जमा हो जाता है। इन्हीं सड़कों से रोजाना बच्चे स्कूल जाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों का इस और कोई ध्यान नहीं है।
ग्राम पंचायत के मजरों में यदि जल जीवन मिशन से संबंधित सड़क टूटी होने या किसी भी तरह से बदहाली की कोई समस्या है। तो शिकायत मिलने पर उसका निस्तारण कराया जाएगा।
-अश्वनी मिश्रा सीडीओ अमरोहा