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धर्मांतरण मामला: जेल से जमानत पर रिहा होकर घर पहुंचे दोनों भाई, कहा- कोर्ट और पुलिस का मिला सहयोग

Sun, 20 Dec 2020 03:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कांठ (मुरादाबाद)
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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पांच दिसंबर को कांठ थाने में दर्ज कराए गए धर्मांतरण मामले में फंसे नगर निवासी दोनों भाई जमानत पर रिहा होकर अपने घर पहुंच गए। दोनों भाइयों ने कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस से इस मामले में सहयोग मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि बिना किसी परेशानी के वह अपने घर पहुंच गए हैं।

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धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के अंतर्गत पांच दिसंबर को कांठ थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। जिसमें बिजनौर निवासी एक महिला ने नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी राशिद और उसके भाई सलीम पर उसकी बेटी का जबरन धर्मांतरण कराकर शादी करने का आरोप लगाया था। इस मामले में छह दिसंबर को पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही इस मामले की पीड़ित युवती के न्यायालय में बयान दर्ज कराकर उसे नारी निकेतन भेजा गया था। तभी से दोनों भाई जेल में थे। 

इधर, पुलिस द्वारा की गई मामले की जांच में जबरन धर्मांतरण कराए जाने का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला। जिसके बाद कांठ पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को रिमांड पर न लेने का निर्णय लिया था। वहीं इस मामले में पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई 169 की रिपोर्ट को भी सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए शुक्रवार को आरोपी दोनों भाइयों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे। शनिवार को जेल प्रशासन द्वारा कोर्ट के आदेश पर दोनों भाइयों को रिहा कर दिया।
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दोपहर करीब दो बजे पुलिस दोनों भाइयों को उनके घर छोड़ कर गई। राशिद और सलीम ने बताया कि वह 12 दिन जेल में रहे। जहां उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस ने उनका भरपूर सहयोग किया है। जिसके वह जीवन भर आभारी रहेंगे।

दोनों भाइयों ने बजरंग दल पर लगाया फंसाने का आरोप
धर्मांतरण मामले में फंसे नगर निवासी दोनों भाई राशिद और सलीम के जेल से घर आने पर जहां परिवार में खुशी का माहौल है तो वहीं दोनों भाइयों ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें झूठा फंसाया था। उन्होंने कहा कि वह अभी जेल से आए हैं आगे क्या करना है इस बारे में अभी कुछ कहने में असमर्थ हैं। 

पीड़ित परिवार से मिली संगठन की महिला पदाधिकारी
देशभर में चर्चा का विषय बने कांठ के धर्मांतरण मामले में शनिवार को पीड़ित परिवार से मिलने कांठ पहुंची अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला संगठन की टीम ने जांच करते हुए परिवार को मदद का भरोसा दिलाया है। संगठन की राष्ट्रीय महासचिव कविता कृष्णन ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को आगे कहीं भी कोई दिक्कत आती है तो पूरा संगठन उनकी मदद करेगा। उन्होंने पूरे मामले के बारे में परिवार के लोगों से जानकारी भी ली है। इस मौके पर टीम में कमलप्रीत कौर, एडवोकेट स्नेहा मुखर्जी, रोहताश राजपूत, मोहम्मद आलम आदि मौजूद रहे।

युवती की हालत में सुधार नहीं
धर्मांतरण मामले की पीड़ित युवती द्वारा नारी निकेतन और चिकित्सकों पर लगाए गए जबरन उसके गर्भपात के आरोप के बाद से युवती की हालत में सुधार नहीं है। उसका लगातार उपचार चल रहा है। शनिवार को युवती तबीयत खराब होने के कारण किसी से भी बात करने में असफल रही। याद रहे कि पिछले दिनों पीड़ित युवती ने पेट में दर्द की शिकायत होने के बाद अस्पताल में भर्ती के समय उसका जबरन गर्भपात कराए जाने का आरोप लगाया था। 

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