मुरादाबाद। केजीके कॉलेज में करीब पांच महीने से पुस्तकालय जर्जर होने की वजह से बंद है, लेकिन अभी तक इसका निर्माण कार्य शुरु नहीं हो सका है। इसकी वजह से विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए भी किताबें नहीं मिल सकी हैं। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि करीब दस दिन में कार्य शुरु होने की संभावना है।
शहर के बड़े महाविद्यालयों में से एक केजीके कॉलेज में वर्तमान में करीब पांच हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कॉलेज के पुस्तकालय में सभी विषयों से संबंधित पुस्तकें हैं। प्रतिदिन करीब 150 से दो सौ विद्यार्थी पुस्तकें पढ़ने के लिए स्वीकृत करवाते थे लेकिन पिछले पांच माह से इन विद्यार्थियों को पुस्तकालय से किताबें लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पुस्तकालय अध्यक्ष के अनुसार इसकी वजह पुस्तकालय की जर्जर हालात हैं। जगह-जगह से पुस्तकालय की छत टूटकर गिर चुकी है। स्थिति यह है कि इस छत की सरिया तक गिर रही हैं।
क्लर्क के हटते ही भरभराकर गिरा मलबा
क्लर्क धर्मेंद्र कुमार त्यागी ने बताया कि एक दिन मैं हॉल में बैठकर पुस्तकालय से संबंधित कार्य कर रहा था। इसी बीच एलएलबी के कुछ छात्र किताबें स्वीकृत करवाने के लिए आए। जैसे ही मैं वहां से हटकर किताबें देने के लिए अलमारी तक पहुंचा ही था कि भरभराकर छत का मलबा गिर गया। इसमें करीब दस से 12 ईंट भी थीं। इसके अलावा एक दिन जब मैं पुस्तकालय का दरवाजा खोलकर अंदर घुस ही रहा था कि छत का प्लास्टर टूटकर गिर गया।
हर वक्त सताता है डर
पुस्तकालय अध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि मेरे कार्यालय की छत का प्लास्टर भी टूटकर गिर रहा है। जब भी पुस्तकालय में प्रवेश करता हूं तो छत गिरने का डर सताता रहता है। इसे बनवाने के लिए अब तक करीब दस पत्र कॉलेज प्रशासन को दे चुका हूं, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरु नहीं हो सका है। वैसे तो कॉलेज प्रशासन के निर्देश पर पुस्तकालय बंद किया हुआ है, लेकिन कोई छात्र अपने जोखिम पर अंदर आता है तो फिर उसे किताब देते हैं। पहले प्रतिदिन 150 से दो सौ विद्यार्थी किताबें लेने आते थे, अब उन सभी का नुकसान हो रहा है।
1961 में बना है पुस्तकालय
केजीके कॉलेज के प्रशासनिक भवन की पहली मंजिल पर स्थित पुस्तकालय ब्लॉक 31 मार्च 1961 को बना था। पुस्तकालय में लगभग 90 हजार किताबें हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बीच में एक बार छत की मरम्मत की गई थी।
वर्जन...
पुस्तकालय के लिए टेंडर हो चुका है। नई छत निर्माण से संबंधित सभी प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई है। लगभग दस दिन में संबंधित एजेंसी के द्वारा निर्माण कार्य शुरु कर दिया जाएगा।
प्रो. एके सिंह, बिल्डिंग प्रभारी, केजीके कॉलेज