मुरादाबाद। एक पुराने लुटेरे ने व्यापारी के एक लाख 87 लाख रुपये हड़पने के लिए लूट की ऐसी कहानी रची। जिस अंदाज में वो अपनी गैंग के साथ वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने उसे और उसके साथी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सच सामने आ गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रकम बरामद कर वारदात का खुलासा कर दिया।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े दस मझोला थाना क्षेत्र के एकता कॉलोनी निवासी मोहित राघव ने यूपी 112 कॉल की थी। उसने बताया था कि मूंढापांडे क्षेत्र में सिरसखेड़ा और हसनगंज गांव के बीच बाइक सवार सवार चार बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे एक लाख 87 हजार 340 रुपये लूट लिए हैं। लूट की सूचना मिलने पर मूंढापांडे थाने के प्रभारी रवींद्र प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
यहां मोहित राघव के साथ संभल जनपद के असमोली थाना क्षेत्र के भैसोड़ा निवासी विनय राघव मिला था। दोनों छोटा हाथी वाहन में सवार थे। मोहित ने पूछताछ में बताया था कि मझोला के विकास नगर निवासी सतीश चौहान और नागफनी के बंगला गांव निवासी उमेश चौहान का खाद-बीज और कीटनाशक दवाइयों का कारोबार है। हम दोनों उनका माल सप्लाई करने दुकानों पर जाते हैं। रामपुर के शहजादनगर में सुहेब खाद भंडार पर माल उतारने के बाद 1 लाख 64 हजार 940 रुपये वहां से लिए थे। इसके बाद रामपुर के मिलक में रियाजुल खाद भंडार पर खाद व दवाइयां उतारने के बाद 22 हजार 400 रुपये लिए।
मुरादाबाद लौटते समय टोल टैक्स से बचने के लिए हाईवे से उतरकर लिंक मार्ग से निकल रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने घेर लिया था। शक गहराने पर पुलिस ने दोनों को अलग अलग ले जाकर पूछताछ की। दोनों के बयानों में अंतर आया। शक गहराने पर पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। तब मोहित राघव ने बताया कि उसने अमरोहा, पाकबड़ा और भगतपुर में लूट की कई घटनाएं की थीं। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से रिहा होने के बाद वह छह माह से दवाइयों की सप्लाई कर रहा था। उसे अपने साथी विनय राघव को साथ लेकर उसी अंदाज में घटना की प्लानिंग की। जिस तरह वह अपने गैंग के साथ मिलकर लोगों को लूटता था। ताकि पुलिस और व्यापारी उस पर कोई शक न करें। आरोपियों ने छोटा हाथी वाहन की सीट के नीचे रकम छिपा दी थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर ली है।
मोहित के खिलाफ ग्यारह मुकदमे दर्ज : पुलिस ने व्यापारी सतीश चौहान से रोहित और विनय केबारे में जानकारी दी। तब पता चला कि दोनों छह माह पहले ही यहां काम करने आए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनोंके बारे में जानकारी जुटाई। तब पता चला कि मोहित के खिलाफ अलग अलग थानों में 11 केस दर्ज हैं। जिसमें सबसे ज्यादा लूट के ही केस हैं। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया। कड़ाई से पूछताछ की तो सच सामने आ गया।